Celery meaning in Hindi एक ऐसा सर्च टर्म है जो भारत में इस हरी पत्तेदार सब्जी की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। अंग्रेजी में सेलेरी और हिंदी में अजवाइन के नाम से जानी जाने वाली यह सब्जी अब केवल सूप का हिस्सा नहीं रह गई है, बल्कि एक सुपरफूड के रूप में पहचानी जाती है। इसका वैज्ञानिक नाम Apium graveolens है और यह Apiaceae परिवार से संबंधित है। सेलेरी का हिंदी अर्थ जानने के साथ-साथ इसके गुण, स्वास्थ्य लाभ और पारंपरिक व आधुनिक उपयोग को समझना आज के स्वास्थ्य-जागरूक युग में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सेलेरी का हिंदी अर्थ और मूल पहचान

Celery शब्द का हिंदी में सीधा अर्थ ‘अजवाइन’ होता है। हालाँकि, यहाँ एक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, क्योंकि आमतौर पर अजवाइन से तात्पर्य छोटे बीजों (Celery Seeds) से भी लगाया जाता है। पूर्ण रूप से, सेलेरी एक पौधा है जिसके डंठल (स्टॉक) और पत्तियों का उपयोग सब्जी के रूप में किया जाता है, जबकि इसके बीजों को मसाले और आयुर्वेदिक दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है। भारतीय बाजारों में इसे अक्सर ‘अजवाइन की सब्जी’ या ‘सेलेरी’ के नाम से ही जाना जाता है।
सेलेरी की वानस्पतिक और सांस्कृतिक पहचान
सेलेरी का इतिहास काफी पुराना है और इसकी उत्पत्ति भूमध्यसागरीय क्षेत्र में मानी जाती है। प्राचीन काल में ग्रीस और रोम में इसका उपयोग औषधीय पौधे और सुगंधित घटक के रूप में किया जाता था। भारत में इसकी खेती मुख्यतः पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में होती है। इसकी खास तीखी और थोड़ी कड़वी सुगंध के कारण इसका स्वाद अद्वितीय माना जाता है।
सेलेरी के प्रकार और उनकी विशेषताएं
सेलेरी मुख्यतः दो प्रकार की होती है, जिन्हें उनके डंठल के रंग और उपयोग के आधार पर पहचाना जाता है। दोनों का हिंदी नाम समान हो सकता है, लेकिन गुणों में अंतर होता है।
- हरी सेलेरी (Green Celery/Pascal Celery): यह सबसे आम प्रकार है जिसके हरे, मोटे और कुरकुरे डंठल होते हैं। इसकी पत्तियाँ गहरे हरे रंग की होती हैं और इसका उपयोग सलाद, सूप, जूस और स्टिर-फ्राई में व्यापक रूप से किया जाता है।
- सफेद सेलेरी (White Celery/Blanched Celery): इस प्रकार के डंठल पीले-सफेद रंग के होते हैं, क्योंकि इन्हें सूर्य के प्रकाश से दूर रखकर उगाया जाता है। इसका स्वाद हल्का और कम कड़वा होता है, लेकिन यह हरी सेलेरी की तुलना में कम पोषक तत्व रखती है।
- सब्जी और सलाद: सेलेरी के डंठलों को काटकर सलाद में शामिल किया जाता है। इसे अन्य सब्जियों जैसे गाजर, शिमला मिर्च के साथ मिलाकर स्टिर-फ्राई या करी बनाई जा सकती है।
- सूप और स्टॉक: सेलेरी का उपयोग सब्जियों के सूप और स्टॉक को स्वाद और सुगंध देने के लिए एक आधार के रूप में किया जाता है।
- जूस और स्मूदी: स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग सेलेरी, पालक, खीरा और सेब का डिटॉक्स जूस बनाकर पीते हैं।
- मसाले के रूप में बीज: अजवाइन के बीजों का उपयोग पराठे, पूरी, नमकीन और अचार में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं।
- चयन: ताजी सेलेरी चुनें जिसके डंठल मजबूत, सीधे और हल्के हरे रंग के हों। पत्तियाँ ताजी और मुरझाई हुई नहीं होनी चाहिए।
- भंडारण: सेलेरी को रेफ्रिजरेटर में एक प्लास्टिक बैग या एयरटाइट कंटेनर में रखें। इस तरह यह 1-2 सप्ताह तक ताजी रह सकती है।
- उपयोग से पहले: इस्तेमाल से पहले डंठलों को अच्छी तरह धो लें, क्योंकि इनकी परतों के बीच मिट्टी या रेत जमा हो सकती है।
- पत्तियों का उपयोग: पत्तियों को फेंके नहीं। इन्हें सूप, स्टॉक या गार्निशिंग के लिए सुखाकर या फ्रिज में रखकर प्रयोग किया जा सकता है।
- एलर्जी: कुछ लोगों को सेलेरी से एलर्जी हो सकती है, खासकर जो लोग बर्च पराग (birch pollen) से एलर्जिक हैं। इसके लक्षणों में खुजली, सूजन या सांस लेने में तकलीफ शामिल हो सकते हैं।
- उच्च सोडियम सामग्री: सेलेरी में प्राकृतिक रूप से सोडियम होता है। यदि आप सोडियम-प्रतिबंधित आहार पर हैं, तो इसकी मात्रा पर ध्यान देना चाहिए।
- गर्भावस्था: बड़ी मात्रा में सेलेरी के बीज या इसके सप्लीमेंट्स गर्भाशय को उत्तेजित कर सकते हैं, इसलिए गर्भवती महिलाओं को इनके अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए।
- रक्त पतला करने वाली दवाएं: सेलेरी में विटामिन K की मात्रा अधिक होती है, जो रक्त के थक्के जमने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि आप वार्फरिन जैसी ब्लड थिनर दवा ले रहे हैं, तो सेलेरी की नियमित मात्रा में अचानक बदलाव न करें।
इसके अलावा, सेलेरी के बीज (Celery Seeds/Ajwain Seeds) और इससे निकलने वाला तेल (Celery Seed Oil) भी महत्वपूर्ण उत्पाद हैं जिनका उपयोग मसाले और आयुर्वेदिक उपचार में होता है।
सेलेरी के पोषक तत्व: एक पोषण का खजाना

सेलेरी को ‘नकारात्मक कैलोरी वाला भोजन’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसे पचाने में शरीर को इससे मिलने वाली कैलोरी से अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। यह पोषक तत्वों से भरपूर है। लगभग 100 ग्राम कच्ची सेलेरी में निम्नलिखित पोषक तत्व पाए जाते हैं:
| पोषक तत्व | मात्रा |
|---|---|
| कैलोरी | लगभग 14 किलोकैलोरी |
| पानी | 95% से अधिक |
| फाइबर | 1.6 ग्राम |
| विटामिन K | दैनिक आवश्यकता का 37% |
| विटामिन A | दैनिक आवश्यकता का 9% |
| फोलेट | दैनिक आवश्यकता का 9% |
| पोटैशियम | 260 मिलीग्राम |
| सोडियम | 80 मिलीग्राम |
| एंटीऑक्सीडेंट (एपिजेनिन, ल्यूटोलिन) | प्रचुर मात्रा में |
इसके अलावा, इसमें विटामिन C, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस भी अच्छी मात्रा में होते हैं। सेलेरी के बीजों में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुणों वाले यौगिक पाए जाते हैं।
सेलेरी के स्वास्थ्य लाभ (अजवाइन के फायदे)
वजन प्रबंधन और पाचन में सहायक
सेलेरी में उच्च मात्रा में पानी और डाइटरी फाइबर होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और अतिरिक्त कैलोरी intake को रोकता है। फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, कब्ज की समस्या को दूर करता है और आंतों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।
हृदय स्वास्थ्य का रक्षक
सेलेरी में मौजूद फ्थालाइड्स नामक यौगिक रक्त वाहिकाओं को आराम देकर रक्तचाप को कम करने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद पोटैशियम भी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक है। इसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण धमनियों में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके हृदय रोग के जोखिम को घटाते हैं।
सूजन कम करने वाला (एंटी-इंफ्लेमेटरी)
सेलेरी और इसके बीजों में एपिजेनिन और ल्यूटोलिन जैसे शक्तिशाली फ्लेवोनॉयड्स पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन पैदा करने वाले एंजाइमों को रोकते हैं। यह गठिया, गाउट और अन्य इंफ्लेमेटरी स्थितियों में राहत प्रदान कर सकता है।
शरीर की अम्लता (pH) को संतुलित करना
आधुनिक आहार शैली अक्सर शरीर को अम्लीय बना देती है। सेलेरी एक क्षारीय (alkaline) खाद्य पदार्थ है, जो शरीर के pH स्तर को संतुलित करने में मदद करता है और अम्लता से जुड़ी समस्याओं को दूर रखता है।
रक्त शर्करा नियंत्रण में सहायक
कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि सेलेरी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार कर सकते हैं और रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर रखने में मदद कर सकते हैं, जो टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
सेलेरी के उपयोग: रसोई और स्वास्थ्य दोनों में

भारतीय रसोई में अजवाइन का प्रयोग
भारतीय खानपान में सेलेरी के ताजे डंठल और पत्तियों का उपयोग अभी भी एक आधुनिक सब्जी के रूप में है, जबकि इसके बीजों (अजवाइन) का उपयोग सदियों से हो रहा है।
आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में भूमिका
आयुर्वेद में अजवाइन के बीजों को ‘दीपन’ (भूख बढ़ाने वाला) और ‘पाचन’ (पाचन में सहायक) गुणों वाला माना जाता है। इसका उपयोग पेट दर्द, गैस, सूजन और अपच के लिए किया जाता है। सेलेरी के बीज का तेल भी मालिश के लिए और सर्दी-जुकाम में उपयोगी माना जाता है।
सेलेरी का चयन, भंडारण और उपयोग के टिप्स
सेलेरी के संभावित दुष्प्रभाव और सावधानियां

हालाँकि सेलेरी अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित है, लेकिन कुछ स्थितियों में सावधानी बरतनी चाहिए।
सेलेरी बनाम धनिया और अजवाइन के बीज: भ्रम को दूर करें
Celery meaning in Hindi जानने वाले अक्सर इसे धनिया (Coriander) या कैरम के बीज (Carom Seeds) से भ्रमित करते हैं। यहाँ एक त्वरित तुलना दी गई है:
| विशेषता | सेलेरी (अजवाइन) | धनिया (Coriander) | अजवाइन के बीज (Celery Seeds) | कैरम के बीज (Carom Seeds/Ajwain) |
|---|---|---|---|---|
| वानस्पतिक नाम | Apium graveolens | Coriandrum sativum | Apium graveolens (बीज) | Trachyspermum ammi |
| उपयोगी भाग | डंठल, पत्तियाँ, बीज | पत्तियाँ, बीज | बीज | बीज |
| स्वाद | हल्का तीखा, कड़वा, कुरकुरा | ताजा, नींबू जैसा (पत्तियाँ), गर्म (बीज) | तीखा, गर्म, थोड़ा कड़वा | तीखा, गर्म, थोड़ा कड़वा |
| मुख्य उपयोग | सलाद, सूप, जूस | गार्निश, चटनी, मसाला | मसाला, अचार, औषधि | मसाला, पाचन औषधि |
स्पष्ट है कि ये सभी अलग-अलग पौधे हैं, हालाँकि हिंदी नामों में समानता के कारण भ्रम हो सकता है।
सेलेरी से जुड़ी आम गलतियाँ और उनसे बचने के उपाय
गलती 1: पत्तियों को फेंक देना
बहुत से लोग सेलेरी के डंठल का उपयोग करते हैं और पत्तियों को कचरे में फेंक देते हैं। पत्तियों में डंठलों की तुलना में अधिक विटामिन सी, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। इन्हें सूप, स्टॉक, सलाद या हर्बल चाय में इस्तेमाल किया जा सकता है।
गलती 2: अधिक पकाना
सेलेरी को बहुत अधिक पकाने से इसके कुरकुरेपन और पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसे हल्का सा ब्लांच करना, स्टिर-फ्राई करना या कच्चा खाना बेहतर है।
गलती 3: केवल जूस के लिए सीमित उपयोग
सेलेरी जूस एक ट्रेंड बन गया है, लेकिन पूरे डंठल को चबाने से फाइबर का लाभ मिलता है जो जूस पीने में नहीं मिल पाता। संतुलित आहार में दोनों को शामिल करना चाहिए।
गलती 4: अजवाइन के बीजों का अत्यधिक सेवन
आयुर्वेदिक गुणों के कारण लोग अजवाइन के बीजों का अधिक मात्रा में सेवन कर लेते हैं। अधिक मात्रा में ये पेट में जलन या गर्भाशय संकुचन पैदा कर सकते हैं। एक चम्मच से अधिक बिना डॉक्टरी सलाह के नहीं लेना चाहिए।
सेलेरी के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सेलेरी का हिंदी नाम क्या है?
सेलेरी का हिंदी नाम ‘अजवाइन’ है। हालाँकि, स्पष्टता के लिए इसे ‘सेलेरी सब्जी’ या ‘अजवाइन के डंठल’ कहा जा सकता है ताकि इसे अजवाइन के बीजों से अलग पहचाना जा सके।
क्या सेलेरी और अजवाइन एक ही हैं?
हाँ और नहीं। ‘अजवाइन’ शब्द का प्रयोग कभी-कभी सेलेरी के पूरे पौधे और कभी केवल इसके बीजों के लिए किया जाता है। सेलेरी के हरे डंठल वाली सब्जी और इसके छोटे बीज दोनों ही अजवाइन कहलाते हैं, लेकिन ये एक ही पौधे के अलग-अलग हिस्से हैं।
सेलेरी खाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
सेलेरी को कच्चा सलाद के रूप में खाना सबसे अच्छा है, क्योंकि इससे सभी पोषक तत्व और एंजाइम सुरक्षित रहते हैं। इसे हल्का स्टीम करके, सूप में डालकर या जूस बनाकर भी सेवन किया जा सकता है।
क्या सेलेरी वजन घटाने में मदद करती है?
हाँ, सेलेरी वजन घटाने में सहायक है। इसमें कैलोरी बहुत कम, पानी और फाइबर अधिक होता है, जो पेट भरा होने का अहसास कराता है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा दे सकता है। हालाँकि, यह कोई जादुई उपाय नहीं है, इसे संतुलित आहार और व्यायाम के साथ ही लेना चाहिए।
सेलेरी के बीज और कैरम के बीज (अजवाइन) में क्या अंतर है?
सेलेरी के बीज (Celery Seeds) सेलेरी पौधे से प्राप्त होते हैं, जबकि कैरम के बीज (Carom Seeds) एक अलग पौधे Trachyspermum ammi से आते हैं। दोनों का स्वाद तीखा और गर्म होता है, लेकिन सेलेरी के बीज थोड़े बड़े और हल्के भूरे रंग के होते हैं। दोनों के औषधीय गुण भी अलग-अलग हैं।
क्या सेलेरी का जूस रोज पीना सुरक्षित है?
सीमित मात्रा में सेलेरी का जूस रोज पीना सुरक्षित है। लेकिन अत्यधिक मात्रा (एक लीटर से अधिक प्रतिदिन) से पेट में परेशानी हो सकती है और शरीर में सोडियम का स्तर बढ़ सकता है। विविधता बनाए रखने के लिए इसे अन्य सब्जियों और फलों के जूस के साथ घुमा-फिराकर पीना बेहतर है।
निष्कर्ष
Celery meaning in Hindi सिर्फ एक अनुवाद से कहीं अधिक है; यह एक पौष्टिक, बहुमुखी और औषधीय गुणों से भरपूर सब्जी की दुनिया में प्रवेश द्वार है। अजवाइन के नाम से जाना जाने वाला यह पौधा अपने डंठल, पत्तियों और बीजों के माध्यम से स्वास्थ्य के कई पहलुओं को लाभ पहुँचाता है। वजन प्रबंधन से लेकर हृदय स्वास्थ्य तक, पाचन सुधार से लेकर सूजन कम करने तक, इसके लाभ विस्तृत हैं। हालाँकि, इसका सेवन संतुलित और जागरूक तरीके से करना चाहिए, ताकि इसके अधिकतम लाभ प्राप्त किए जा सकें और किसी भी संभावित दुष्प्रभाव से बचा जा सके। सेलेरी को अपने दैनिक आहार में शामिल करना आधुनिक, स्वस्थ जीवनशैली की ओर एक सार्थक कदम है।
Last Updated on 04/03/2026 by Emma Collins

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