Simple Present Tense Sentences In Hindi: Tense Ka Adhaar Aur Niyam

Simple Present Tense Sentences In Hindi: Tense Ka Adhaar Aur Niyam

अंग्रेजी सीखने की शुरुआत हमेशा मूल बातों से होती है, और Simple Present Tense उसमें सबसे महत्वपूर्ण है। यह लेख आपको simple present tense sentences in hindi की विस्तृत जानकारी देगा। Simple Present Tense अंग्रेजी व्याकरण की नींव है। इसे सीखने से आपकी वाक्य संरचना मजबूत होगी। हम जानेंगे कि वर्तमान काल के ये वाक्य कैसे बनते हैं, क्रिया का पहला रूप कैसे उपयोग होता है, और कब सहायक क्रिया की आवश्यकता होती है। यह मार्गदर्शन आपके अंग्रेजी कौशल को बढ़ाएगा।

Simple Present Tense Sentences In Hindi: Tense Ka Adhaar Aur Niyam

Simple Present Tense Ko Pehchanna

यह काल दैनिक आदतों, स्थिर सत्यों और सार्वभौमिक तथ्यों को दर्शाता है। इसे हिंदी में पहचानने का सबसे सरल तरीका है। वाक्यों के अंत में ‘ता है’, ‘ती है’, या ‘ते हैं’ आता है। यह पहचान हमें यह समझने में मदद करती है कि हमें कौन सा काल उपयोग करना है। हमें हमेशा वर्तमान की क्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

Simple Present Tense की जरूरत तब पड़ती है जब कोई क्रिया नियमित रूप से होती है। उदाहरण के लिए, सूर्य का पूर्व से उदय होना एक सार्वभौमिक सत्य है। या फिर, हर सुबह स्कूल जाना एक दैनिक आदत है। ये सभी वाक्य इसी काल के अंतर्गत आते हैं। यह काल अंग्रेजी भाषा का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला हिस्सा है।

Simple Present Tense Sentences In Hindi: Tense Ka Adhaar Aur Niyam

Tense Ki Moolbhoot Vakya Sanrachna

Simple Present Tense की संरचना बहुत सीधी है। इसमें कर्ता (Subject) सबसे पहले आता है। इसके बाद क्रिया (Verb) का मूल रूप (Base Form) लगता है। अंत में कर्म (Object) या शेष भाग आता है। यह नियम सभी प्रकार के वाक्यों पर लागू होता है, हालांकि सहायक क्रियाएँ (Auxiliary Verbs) नकारात्मक और प्रश्नवाचक वाक्यों में जुड़ती हैं।

यह व्याकरणिक संरचना किसी भी वाक्य को सही ढंग से बनाने की कुंजी है। यदि आप कर्ता और क्रिया के बीच संबंध को सही से समझ लेते हैं, तो वाक्य निर्माण आसान हो जाता है। विशेष रूप से, क्रिया में बदलाव केवल तब आता है जब कर्ता तीसरा व्यक्ति एकवचन होता है। इस नियम को Subject-Verb Agreement कहा जाता है।

Sadharan Ya Sakaratmak Vakyaon Ke Niyam

सकारात्मक वाक्य वह होते हैं जिनमें कोई इनकार या प्रश्न नहीं होता। इन्हें बनाने के दो प्रमुख नियम हैं, जो कर्ता (Subject) पर निर्भर करते हैं। इन्हें पूरी तरह से समझना अंग्रेजी की आधारशिला है।

Niyam 1: I, We, You, They, Aur Bahuvachan Karta

जब कर्ता ‘I’ (मैं), ‘We’ (हम), ‘You’ (तुम/आप), ‘They’ (वे) या कोई बहुवचन संज्ञा होती है, तो क्रिया अपने मूल रूप (Base Form) में रहती है। क्रिया के साथ ‘s’ या ‘es’ नहीं जोड़ा जाता है। यह नियम क्रिया को सरल और अपरिवर्तित रखता है।

उदाहरण:

1. I read a book every day.
मैं हर दिन एक किताब पढ़ता हूँ।

2. We go to the market.
हम बाज़ार जाते हैं।

3. You speak English well.
आप अच्छी अंग्रेजी बोलते हैं।

4. They play cricket in the evening.
वे शाम को क्रिकेट खेलते हैं।

5. Students study in the library.
छात्र पुस्तकालय में पढ़ते हैं।

Niyam 2: He, She, It, Aur Ekavachan Karta

जब कर्ता तीसरा व्यक्ति एकवचन (Third Person Singular), जैसे ‘He’ (वह पुरुष), ‘She’ (वह स्त्री), ‘It’ (यह/वह निर्जीव), या कोई एकवचन संज्ञा (जैसे राम, बिल्ली, मेज) होती है, तो क्रिया के मूल रूप के साथ ‘s’ या ‘es’ जोड़ा जाता है। यह सबसे महत्वपूर्ण और अक्सर भूला जाने वाला नियम है।

‘s’ जोड़ने का सामान्य नियम: अधिकांश क्रियाओं में केवल ‘s’ जोड़ा जाता है।
‘es’ जोड़ने का नियम: क्रियाएँ जो ‘o’, ‘ss’, ‘sh’, ‘ch’, ‘x’, या ‘z’ पर समाप्त होती हैं, उनमें ‘es’ जोड़ा जाता है (जैसे: go $rightarrow$ goes, watch $rightarrow$ watches)।

उदाहरण:

1. He teaches mathematics.
वह गणित पढ़ाता है।

2. She cooks delicious food.
वह स्वादिष्ट भोजन पकाती है।

3. It rains heavily here.
यहाँ ज़ोरदार बारिश होती है।

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4. My mother wakes up early.
मेरी माँ जल्दी उठती हैं।

5. The sun rises in the east.
सूरज पूर्व में उगता है।

Nakaratmak Vakya (Negative Sentences) Banana

नकारात्मक वाक्य वह होते हैं जो किसी क्रिया या तथ्य का खंडन करते हैं। Simple Present Tense में नकारात्मक वाक्य बनाने के लिए सहायक क्रियाओं (Auxiliary Verbs) ‘do not’ या ‘does not’ का उपयोग किया जाता है। ‘नहीं’ (nahi) शब्द हिंदी में इसका प्रतिनिधित्व करता है।

नकारात्मक वाक्यों में एक महत्वपूर्ण बात याद रखनी चाहिए। जैसे ही वाक्य में ‘do not’ या ‘does not’ का उपयोग होता है, मुख्य क्रिया हमेशा अपने मूल रूप (Base Form) में आ जाती है। क्रिया से ‘s’ या ‘es’ हमेशा हटा दिया जाता है।

Nakaratmak Sanrachna

नकारात्मक वाक्यों की सामान्य संरचना इस प्रकार है:
कर्ता (Subject) + do/does + not + क्रिया का मूल रूप (V1) + कर्म (Object)

Niyam 3: ‘Do Not’ Ka Upyog

सहायक क्रिया ‘do not’ का उपयोग बहुवचन कर्ता (We, You, They) और ‘I’ तथा ‘You’ के साथ किया जाता है। ‘Do not’ को अक्सर संक्षिप्त रूप में Don’t लिखा जाता है। यह रूप अनौपचारिक बातचीत में बहुत आम है।

उदाहरण:

1. I do not eat meat.
मैं मांस नहीं खाता/खाती हूँ।

2. We do not agree with the decision.
हम फैसले से सहमत नहीं हैं।

3. You do not know the answer.
आप जवाब नहीं जानते हैं।

4. They do not watch TV in the afternoon.
वे दोपहर में टीवी नहीं देखते हैं।

5. The children do not like spinach.
बच्चों को पालक पसंद नहीं है।

Niyam 4: ‘Does Not’ Ka Upyog

सहायक क्रिया ‘does not’ का उपयोग हमेशा तीसरे व्यक्ति एकवचन (He, She, It, या कोई एकवचन संज्ञा) के साथ किया जाता है। ‘Does not’ को अक्सर संक्षिप्त रूप में Doesn’t लिखा जाता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ‘does’ लगने के बाद क्रिया से ‘s’ या ‘es’ हटा दिया जाता है।

उदाहरण:

1. She does not play football.
वह फुटबॉल नहीं खेलती है।

2. He does not read books regularly.
वह नियमित रूप से किताबें नहीं पढ़ता है।

3. The machine does not work properly.
मशीन ठीक से काम नहीं करती है।

4. My sister does not live in Delhi.
मेरी बहन दिल्ली में नहीं रहती है।

5. It does not look like rain today.
आज बारिश होने की संभावना नहीं है।

Nakaraatmak Vakyon Ke Vistrit Udaharan

नकारात्मक वाक्य दैनिक जीवन में असहमति, अस्वीकृति, या अनुपस्थिति को व्यक्त करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। मूल पाठ में दिए गए उदाहरणों का विस्तार से अध्ययन करना आवश्यक है।

1. I do not like coffee.
मैं कॉफी नहीं पसंद करता/करती हूँ।
(यह एक व्यक्तिगत पसंद का इनकार है। ‘I’ के साथ ‘do not’ लगा है, और क्रिया ‘like’ मूल रूप में है।)

2. The cat does not eat fish.
बिल्ली मछली नहीं खाती है।
(यहाँ कर्ता ‘The cat’ एकवचन है, इसलिए ‘does not’ का उपयोग हुआ है, और क्रिया ‘eat’ में ‘s’ हट गया है।)

3. They do not have a car.
उनके पास कार नहीं है।
(यह स्वामित्व का इनकार है। ‘Have’ मुख्य क्रिया के रूप में उपयोग हुआ है।)

4. She does not understand the joke.
वह मज़ाक नहीं समझती है।
(कर्ता ‘She’ के कारण ‘does not’ का प्रयोग हुआ है।)

5. We do not waste water.
हम पानी बर्बाद नहीं करते हैं।
(एक समूह के रूप में किसी आदत का खंडन।)

6. The train does not stop at this station.
ट्रेन इस स्टेशन पर नहीं रुकती है।
(यह एक निर्धारित तथ्य (Schedule) का नकारात्मक रूप है।)

Nakaratmak Vakyon Mein Hone Wali Pramukh Galtiyan

Simple Present Tense के नकारात्मक वाक्य बनाते समय भारतीय छात्रों द्वारा अक्सर तीन मुख्य गलतियाँ की जाती हैं। इन त्रुटियों को पहचानना और उनसे बचना अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि आपकी अंग्रेजी सही हो।

Galti 1: Do Ya Does Ka Upyog Bhool Jana

सबसे आम गलती यह है कि छात्र नकारात्मक वाक्यों में सहायक क्रिया ‘do’ या ‘does’ का उपयोग करना भूल जाते हैं। वे सीधे ‘not’ का उपयोग करते हैं, जैसे हिंदी में होता है। अंग्रेजी में ‘not’ हमेशा किसी सहायक क्रिया के बाद ही आता है।

अशुद्ध: He not drinks tea.
शुद्ध: He does not drink tea.

Galti 2: S/ES Rule Ka Galat Istemal

जब ‘does not’ का उपयोग होता है, तो छात्र गलती से मुख्य क्रिया में भी ‘s’ या ‘es’ लगा रहने देते हैं। यह व्याकरणिक रूप से गलत है। ‘Does’ स्वयं ही ‘s/es’ को समाहित कर लेता है।

अशुद्ध: She does not eats rice.
शुद्ध: She does not eat rice. (ध्यान दें कि ‘eats’ से ‘s’ हट गया है)

Galti 3: Not Ki Galat Jagah

कभी-कभी छात्र ‘not’ को गलत स्थान पर रख देते हैं, जैसे क्रिया से पहले या कर्ता से पहले। ‘Not’ हमेशा सहायक क्रिया (do/does) और मुख्य क्रिया के बीच में आना चाहिए। सही प्लेसमेंट वाक्य को समझने योग्य बनाता है।

अशुद्ध: I not like reading.
शुद्ध: I do not like reading.

Prashn Vachak Vakya (Interrogative Sentences) Banana

प्रश्नवाचक वाक्य वह होते हैं जो सवाल पूछते हैं। Simple Present Tense में ये वाक्य भी ‘do’ या ‘does’ की सहायता से बनाए जाते हैं। प्रश्नवाचक वाक्यों की संरचना नकारात्मक वाक्यों की तरह ही होती है, लेकिन सहायक क्रिया वाक्य की शुरुआत में आ जाती है।

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प्रश्नवाचक वाक्यों के दो मुख्य प्रकार होते हैं: (1) Yes/No प्रश्न और (2) Wh-शब्दों वाले प्रश्न। दोनों ही प्रकारों में क्रिया का मूल रूप इस्तेमाल होता है।

Haan/Naa (Yes/No) Prashn

ये वो प्रश्न होते हैं जिनका उत्तर केवल हाँ या ना में दिया जा सकता है। इनकी शुरुआत हमेशा सहायक क्रिया ‘Do’ या ‘Does’ से होती है।

Sanrachna: Do/Does + कर्ता (Subject) + क्रिया का मूल रूप (V1) + कर्म (Object)?

‘Do’ Se Shuru Hone Wale Prashn

ये प्रश्न ‘I’, ‘We’, ‘You’, ‘They’ और बहुवचन कर्ता के लिए उपयोग होते हैं।

उदाहरण:

1. Do you understand the instructions?
क्या आप निर्देशों को समझते हैं?

2. Do they live nearby?
क्या वे पास में रहते हैं?

3. Do I need to submit the form?
क्या मुझे फॉर्म जमा करने की ज़रूरत है?

‘Does’ Se Shuru Hone Wale Prashn

ये प्रश्न तीसरे व्यक्ति एकवचन कर्ता (He, She, It) के लिए उपयोग होते हैं।

उदाहरण:

1. Does he work here?
क्या वह यहाँ काम करता है?

2. Does she speak Spanish?
क्या वह स्पेनिश बोलती है?

3. Does the train arrive on time?
क्या ट्रेन समय पर पहुँचती है?

Wh- Shabd Wale Prashn

ये प्रश्न विशिष्ट जानकारी मांगते हैं, जैसे ‘What’ (क्या), ‘Where’ (कहाँ), ‘When’ (कब), ‘Why’ (क्यों), ‘How’ (कैसे)। ये शब्द हमेशा वाक्य की शुरुआत में आते हैं, उसके बाद सहायक क्रिया ‘do’ या ‘does’ आती है।

Sanrachna: Wh-शब्द + do/does + कर्ता (Subject) + क्रिया का मूल रूप (V1) + कर्म (Object)?

उदाहरण:

1. Where do you work?
आप कहाँ काम करते हैं?

2. What does she want?
वह क्या चाहती है?

3. Why do they complain so much?
वे इतनी शिकायत क्यों करते हैं?

4. When does the shop close?
दुकान कब बंद होती है?

5. How does this system function?
यह प्रणाली कैसे काम करती है?

Nakaratmak Prashn Vachak Vakya

नकारात्मक प्रश्नवाचक वाक्य प्रश्न भी पूछते हैं और साथ ही साथ इनकार भी करते हैं। अक्सर ये आश्चर्य या निराशा व्यक्त करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। इनका निर्माण भी ‘do’ और ‘does’ की सहायता से होता है।

इन्हें बनाने के दो तरीके हैं: अनौपचारिक और औपचारिक।

Anaupcharik Tarika (Contractions Ka Upyog)

संक्षिप्त रूप (Don’t/Doesn’t) का उपयोग बातचीत में सबसे आम है। संक्षिप्त रूप हमेशा वाक्य की शुरुआत में आता है।

Sanrachna: Don’t/Doesn’t + कर्ता (Subject) + क्रिया का मूल रूप (V1)?

उदाहरण:

1. Don’t you feel cold?
क्या आपको ठंड नहीं लग रही है?

2. Doesn’t he know the truth?
क्या वह सच्चाई नहीं जानता है?

3. Don’t we have enough time?
क्या हमारे पास पर्याप्त समय नहीं है?

Aupcharik Tarika

औपचारिक लेखन या भाषण में, ‘not’ को कर्ता के बाद रखा जाता है।

Sanrachna: Do/Does + कर्ता (Subject) + not + क्रिया का मूल रूप (V1)?

उदाहरण:

1. Do you not like my suggestion?
क्या आप मेरा सुझाव पसंद नहीं करते हैं?

2. Does she not live with her parents?
क्या वह अपने माता-पिता के साथ नहीं रहती है?

Simple Present Tense Ka Sahi Upyog Kahan Karein?

सिर्फ वाक्य संरचना जानना पर्याप्त नहीं है। हमें यह भी समझना होगा कि Simple Present Tense का उपयोग किन विशिष्ट परिस्थितियों में किया जाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से चार व्यापक क्षेत्रों में होता है। यह काल अंग्रेजी व्याकरण में नियमित कार्यों को दर्शाने के लिए महत्वपूर्ण है।

1. Niyamit Aadatein Aur Dinacharya (Habits and Routines)

यह काल उन क्रियाओं को व्यक्त करता है जो नियमित रूप से, आदतन या बार-बार होती हैं। इसमें समय सूचक शब्द जैसे ‘always’, ‘often’, ‘sometimes’, ‘every day’, ‘usually’ आदि का प्रयोग होता है।

उदाहरण:

1. I always drink water after waking up.
मैं हमेशा जागने के बाद पानी पीता हूँ।

2. She visits her grandmother every weekend.
वह हर सप्ताहांत अपनी दादी से मिलने जाती है।

3. We usually watch news at nine o’clock.
हम आमतौर पर नौ बजे खबरें देखते हैं।

2. Sthayi Tathy Aur Sarvbhaumik Saty (Permanent Facts and Universal Truths)

ऐसी बातें जो हमेशा सच होती हैं या वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित होती हैं, उन्हें Simple Present Tense में बताया जाता है। ये तथ्य समय के साथ नहीं बदलते हैं।

उदाहरण:

1. Water boils at 100 degrees Celsius.
पानी 100 डिग्री सेल्सियस पर उबलता है।

2. The earth revolves around the sun.
पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है।

3. Doctors treat patients.
डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हैं।

3. Nirdharit Karyakram Aur Samay Sarani (Fixed Schedules and Timetables)

भविष्य की वे क्रियाएँ जो किसी समय-सारणी या कार्यक्रम का हिस्सा होती हैं, Simple Present Tense में व्यक्त की जाती हैं। भले ही क्रिया भविष्य में होगी, उसका संदर्भ वर्तमान काल में दिया जाता है क्योंकि वह निर्धारित होती है।

उदाहरण:

1. The flight departs at 6 PM tomorrow.
उड़ान कल शाम 6 बजे रवाना होगी।

2. The movie starts in ten minutes.
फिल्म दस मिनट में शुरू होती है।

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3. Our semester ends in May.
हमारा सेमेस्टर मई में समाप्त होता है।

4. Nirdesh Aur Anurodh (Instructions and Directions)

जब हम किसी को निर्देश या दिशा-निर्देश देते हैं, तो हम अक्सर Simple Present Tense का उपयोग करते हैं। ये वाक्य अनिवार्य रूप में भी हो सकते हैं, लेकिन क्रिया का रूप अक्सर मूल (Base Form) रहता है।

उदाहरण:

1. First, you mix the flour and water.
सबसे पहले, आप आटा और पानी मिलाते हैं।

2. Turn left at the next intersection.
अगले चौराहे पर बाएँ मुड़ें।

3. Press the green button to start the machine.
मशीन शुरू करने के लिए हरे बटन को दबाएँ।

Simple Present Tense Ke Vishesh Upyog

कुछ क्रियाएँ ऐसी होती हैं जिन्हें आमतौर पर केवल Simple Present Tense में ही इस्तेमाल किया जाता है, भले ही क्रिया उस पल में हो रही हो। इन्हें Stative Verbs (अवस्था क्रियाएँ) कहा जाता है। ये क्रियाएँ भावनाओं, विचारों, धारणाओं या अवस्था को दर्शाती हैं, न कि सक्रिय गति को।

Stative Verbs Ka Istemal

Stative Verbs को कभी भी Present Continuous Tense (-ing) में उपयोग नहीं किया जाता है। ये क्रियाएं हमारी आंतरिक अवस्थाओं को व्यक्त करती हैं।

उदाहरण:

  • Sochne Wali Kriyaen (Thinking): Believe, Know, Understand, Remember.
    I know the answer. (मैं जवाब जानता हूँ।)

  • Bhavna Wali Kriyaen (Feelings): Love, Hate, Like, Prefer, Want.
    She prefers tea over coffee. (वह कॉफी की जगह चाय पसंद करती है।)

  • Indriya Wali Kriyaen (Senses): See, Hear, Smell, Taste, Feel.
    This perfume smells wonderful. (यह इत्र बहुत शानदार महकता है।)

  • Swamitva Wali Kriyaen (Possession): Have, Own, Belong.
    They own a big house. (उनके पास एक बड़ा घर है।)

News Headlines Aur Commentary Mein Upyog

समाचारों की हेडलाइंस और खेल कमेंट्री में घटना चाहे अभी-अभी हुई हो, उसे तत्काल प्रभाव और नाटकीयता देने के लिए अक्सर Simple Present Tense का उपयोग किया जाता है। यह भाषा को अधिक जीवंत बनाता है।

उदाहरण:

1. India wins the match by five wickets.
भारत पाँच विकेट से मैच जीतता है।

2. Prime Minister announces new policy.
प्रधानमंत्री नई नीति की घोषणा करते हैं।

Simple Present Tense Ko Mazboot Karne Ke Tips

Simple Present Tense में महारत हासिल करने के लिए लगातार प्रयास और सही रणनीति की आवश्यकता होती है। खासकर हिंदी भाषी छात्रों के लिए अभ्यास महत्वपूर्ण है।

1. Dainik Abhyaas (Daily Practice)

अपनी दिनचर्या को अंग्रेजी में Simple Present Tense का उपयोग करके बोलें और लिखें। उदाहरण के लिए, सुबह उठने से लेकर रात सोने तक के अपने सभी कार्यों को छोटे-छोटे वाक्यों में व्यक्त करें।

Example: I wake up. I brush my teeth. Then, I read the newspaper.
(मैं उठता हूँ। मैं अपने दांत साफ करता हूँ। फिर, मैं अखबार पढ़ता हूँ।)

2. Negative Aur Interrogative Par Dhyan

सकारात्मक वाक्य बनाना आसान होता है, लेकिन नकारात्मक और प्रश्नवाचक वाक्यों में ही गलती होती है। ‘Do’ और ‘Does’ के सही स्थान और क्रिया के मूल रूप के उपयोग पर विशेष ध्यान दें।

3. Subject-Verb Agreement Ki Jaanch

प्रत्येक वाक्य को बनाने के बाद, जाँच करें कि कर्ता और क्रिया का तालमेल सही है या नहीं। यदि कर्ता एकवचन है, तो क्रिया में ‘s/es’ लगा है या नहीं। यदि कर्ता बहुवचन है, तो क्रिया अपने मूल रूप में है या नहीं।

Simple Present Tense का सही उपयोग करके, आप न केवल व्याकरण को सुधारते हैं बल्कि अपनी संवाद क्षमता को भी बढ़ाते हैं। यदि आप अंग्रेजी भाषा के अन्य पहलुओं को सीखना चाहते हैं, तो आप SkilledEnglish की वेबसाइट पर जाकर अन्य व्याकरण नियमों और अंग्रेजी बोलने के तरीकों के बारे में पढ़ सकते हैं।

Conclusion

हमने देखा कि Simple Present Tense अंग्रेजी व्याकरण का आधार स्तंभ है। सकारात्मक, नकारात्मक और प्रश्नवाचक वाक्यों की संरचना को समझना आवश्यक है। ‘Do’ और ‘Does’ का सही उपयोग और S/ES नियम का पालन करके आप त्रुटियों से बच सकते हैं। लगातार अभ्यास से आप simple present tense sentences in hindi बनाने में निपुण हो जाएंगे। इन नियमों को लागू करना आपकी अंग्रेजी बोलने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा और आपको आत्मविश्वास से संवाद करने में मदद करेगा।

Last Updated on 10/11/2025 by Emma Collins

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