शरीर की रक्त वाहिकाओं से जुड़ी एक गंभीर और कभी-कभी जानलेवा स्थिति को एन्यूरिज्म कहते हैं। Aneurysm meaning in Hindi में इसे ‘धमनीविस्फार’ या ‘रक्त वाहिका का फैलाव’ कहा जाता है। यह तब होता है जब किसी धमनी की दीवार कमजोर हो जाती है और उसमें एक असामान्य, गुब्बारे जैसा उभार आ जाता है। यह उभार धीरे-धीरे बढ़ सकता है और अंततः फट सकता है, जिससे आंतरिक रक्तस्राव होता है और मरीज की जान को गंभीर खतरा पैदा हो जाता है। इस लेख में हम aneurysm in Hindi के प्रकार, कारण, लक्षण, निदान और उपचार के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।
Aneurysm क्या है? धमनीविस्फार का पूरा अर्थ और परिभाषा

Aneurysm एक मेडिकल शब्द है जो ग्रीक शब्द ‘aneurysma’ से आया है, जिसका अर्थ है ‘चौड़ा होना’। हिंदी में aneurysm meaning को ‘धमनीविस्फार’ या ‘रक्त वाहिका शिथिलता’ कहकर समझाया जा सकता है। यह मूल रूप से धमनी की दीवार में एक कमजोर स्थान है जो रक्त के दबाव के कारण बाहर की ओर फूल जाता है। यह फैलाव या उभार एक छोटी गांठ की तरह दिख सकता है और शरीर में कहीं भी हो सकता है, हालांकि मस्तिष्क (ब्रेन एन्यूरिज्म), महाधमनी (एओर्टिक एन्यूरिज्म), और पैरों या घुटनों के पीछे की धमनियों (पेरिफेरल एन्यूरिज्म) में यह सबसे आम है।
धमनीविस्फार का खतरा इसके फटने में निहित है। एक फटा हुआ एन्यूरिज्म एक चिकित्सीय आपात स्थिति है जिससे तेजी से और भारी मात्रा में आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है। मस्तिष्क में एन्यूरिज्म फटने को सबराचनॉइड हेमरेज कहा जाता है, जो स्ट्रोक का एक प्रमुख कारण है और इससे मृत्यु या गंभीर विकलांगता हो सकती है। कई बार एन्यूरिज्म कभी नहीं फटते और बिना किसी लक्षण के वर्षों तक रह सकते हैं, जिसे अक्सर अन्य समस्याओं के लिए किए गए टेस्ट में संयोग से खोजा जाता है।
Aneurysm के प्रकार: शरीर के विभिन्न हिस्सों में धमनीविस्फार
एन्यूरिज्म को उसके आकार, आकृति और स्थान के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। स्थान के आधार पर मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं:
- मस्तिष्क का एन्यूरिज्म (सेरेब्रल या इंट्राक्रैनियल एन्यूरिज्म): यह मस्तिष्क में स्थित रक्त वाहिका में होता है। यह आमतौर पर एक धमनी के किसी कांटे (बिफर्केशन) पर विकसित होता है जहां दीवार सबसे कमजोर होती है। इसे अक्सर ‘बेरी एन्यूरिज्म’ कहा जाता है क्योंकि यह एक छोटे, गोल बेरी जैसा दिखता है।
- महाधमनी एन्यूरिज्म (एओर्टिक एन्यूरिज्म): यह शरीर की मुख्य और सबसे बड़ी धमनी, महाधमनी में होता है। यह छाती में हो सकता है (थोरैसिक एओर्टिक एन्यूरिज्म) या पेट में (एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म)। एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म (एएए) सबसे आम प्रकार है।
- पेरिफेरल एन्यूरिज्म: यह मस्तिष्क और महाधमनी के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों की धमनियों में होता है, जैसे कि पॉप्लिटियल धमनी (घुटने के पीछे), फीमोरल धमनी (जांघ), कैरोटिड धमनी (गर्दन), और मेसेंटरिक धमनी (आंत)।
- सैक्युलर एन्यूरिज्म: यह धमनी के एक तरफ एक गुब्बारे जैसा उभार होता है। यह सबसे आम प्रकार है।
- फ्यूसिफॉर्म एन्यूरिज्म: इसमें पूरी धमनी की परिधि चारों ओर से फैल जाती है, जिससे एक स्पिंडल जैसा आकार बनता है। यह अक्सर एथेरोस्क्लेरोसिस से जुड़ा होता है।
- डिसेक्टिंग एन्यूरिज्म: यह एक गंभीर स्थिति है जिसमें धमनी की आंतरिक परत में एक आंसू आ जाता है, जिससे रक्त दीवार की परतों के बीच में जमा होने लगता है और धमनी को अलग कर देता है।
- उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन): यह एन्यूरिज्म का सबसे महत्वपूर्ण और सामान्य जोखिम कारक है। लगातार उच्च रक्तचाप रक्त वाहिकाओं की दीवार पर दबाव डालता है, जिससे वह कमजोर हो सकती है और फैल सकती है।
- धमनीकाठिन्य (एथेरोस्क्लेरोसिस): इसमें धमनियों की दीवार पर कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थ जमा हो जाते हैं, जिससे दीवार कठोर और कमजोर हो जाती है।
- आनुवंशिकता और पारिवारिक इतिहास: यदि परिवार के किसी सदस्य (माता-पिता, भाई-बहन) को एन्यूरिज्म हुआ है, तो इसके विकसित होने का जोखिम बढ़ जाता है। कुछ आनुवंशिक स्थितियां जैसे कि एहलर्स-डानलोस सिंड्रोम, मार्फन सिंड्रोम, और पॉलीसिस्टिक किडनी रोग भी एन्यूरिज्म के जोखिम को बढ़ाती हैं।
- धूम्रपान: तंबाकू का सेवन रक्त वाहिकाओं की दीवार को नुकसान पहुंचाता है और उच्च रक्तचाप को बढ़ावा देता है, जिससे एन्यूरिज्म का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
- उम्र: एन्यूरिज्म का जोखिम उम्र के साथ बढ़ता है, विशेष रूप से 40 वर्ष की आयु के बाद।
- लिंग: पुरुषों को महिलाओं की तुलना में महाधमनी एन्यूरिज्म होने का जोखिम अधिक होता है, हालांकि महिलाओं में मस्तिष्क एन्यूरिज्म फटने का जोखिम अधिक होता है।
- दर्दनाक चोट (ट्रॉमा): कार दुर्घटना या गंभीर गिरने जैसी चोटें धमनियों को नुकसान पहुंचा सकती हैं और बाद में एन्यूरिज्म का कारण बन सकती हैं।
- संक्रमण (मायकोटिक एन्यूरिज्म): दुर्लभ मामलों में, रक्त वाहिका की दीवार में बैक्टीरिया या फंगल संक्रमण से कमजोरी आ सकती है।
- मस्तिष्क एन्यूरिज्म: आंख के पीछे दर्द, पुतली का फैलना, धुंधली या दोहरी दृष्टि, चेहरे के एक तरफ सुन्नपन या कमजोरी, पलक का गिरना।
- छाती में महाधमनी एन्यूरिज्म: पीठ, गर्दन या जबड़े में दर्द, सीने में दर्द, खांसी, स्वर बैठना, सांस लेने में कठिनाई।
- पेट में महाधमनी एन्यूरिज्म: पेट में गहरा, स्थिर दर्द या धड़कन महसूस होना, पीठ में दर्द।
- पेरिफेरल एन्यूरिज्म: प्रभावित क्षेत्र (जैसे घुटने के पीछे) में एक धड़कते हुए गांठ जैसा महसूस होना, पैर या पैर की उंगलियों में दर्द, सुन्नता, या घाव जो ठीक नहीं होते।
- फटा हुआ मस्तिष्क एन्यूरिज्म: अचानक, तेज और भयानक सिरदर्द (जिसे अक्सर “जीवन का सबसे बुरा सिरदर्द” बताया जाता है), मतली और उल्टी, गर्दन में अकड़न, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता, दौरे पड़ना, चेतना की हानि।
- फटा हुआ महाधमनी एन्यूरिज्म: अचानक, तेज और लगातार पेट, छाती या पीठ में दर्द, दर्द जो कंधे तक फैल सकता है, चिपचिपी त्वचा, तेजी से हृदय गति, चक्कर आना या बेहोशी।
- अल्ट्रासाउंड: यह एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म की पहली और सबसे आम जांच है। यह दर्द रहित और विकिरण मुक्त है।
- कम्प्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी स्कैन): यह एन्यूरिज्म के आकार, स्थान और विस्तार का विस्तृत चित्र प्रदान करता है। सीटी एंजियोग्राफी में कंट्रास्ट डाई का उपयोग करके रक्त वाहिकाओं को और स्पष्ट देखा जा सकता है।
- मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई): एमआरआई शरीर के अंदर के सॉफ्ट टिशू की विस्तृत तस्वीरें बनाता है। एमआर एंजियोग्राफी (एमआरए) विशेष रूप से मस्तिष्क और अन्य रक्त वाहिकाओं के एन्यूरिज्म का पता लगाने में उपयोगी है।
- सेरेब्रल एंजियोग्राफी: यह मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को देखने का एक अधिक आक्रामक तरीका है। इसमें कमर या हाथ की धमनी में एक कैथेटर डालकर डाई इंजेक्ट की जाती है और एक्स-रे लिए जाते हैं। यह एन्यूरिज्म के इलाज की योजना बनाने में बहुत सटीक जानकारी देता है।
- रक्तचाप पर नियंत्रण: नियमित रूप से ब्लड प्रेशर चेक करवाएं। यदि आपको उच्च रक्तचाप है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लें, कम नमक वाला आहार खाएं, नियमित व्यायाम करें और तनाव प्रबंधन करें।
- धूम्रपान छोड़ें: तंबाकू का सेवन एन्यूरिज्म के लिए सबसे बड़ा नियंत्रणीय जोखिम कारक है। धूम्रपान छोड़ने से रक्त वाहिकाओं का स्वास्थ्य सुधरता है और एन्यूरिज्म के विकास व फटने का जोखिम कम होता है।
- स्वस्थ आहार: फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन से भरपूर आहार लें। संतृप्त वसा, ट्रांस फैट और कोलेस्ट्रॉल का सेवन सीमित करें ताकि एथेरोस्क्लेरोसिस को रोका जा सके।
- नियमित व्यायाम: सप्ताह के अधिकांश दिनों में कम से कम 30 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि करें। इससे रक्तचाप नियंत्रित रहता है और रक्त वाहिकाएं स्वस्थ रहती हैं।
- स्क्रीनिंग: यदि आपके परिवार में महाधमनी एन्यूरिज्म या मस्तिष्क एन्यूरिज्म का मजबूत इतिहास है, या आप 65 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष हैं जिन्होंने कभी धूम्रपान किया है, तो अपने डॉक्टर से एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म स्क्रीनिंग के बारे में बात करें।
आकृति के आधार पर एन्यूरिज्म के प्रकार:
Aneurysm के कारण और जोखिम कारक क्या हैं?

धमनीविस्फार के सटीक कारण हमेशा स्पष्ट नहीं होते, लेकिन कई कारक धमनी की दीवार को कमजोर करने में योगदान करते हैं। इनमें से कुछ जन्मजात हो सकते हैं, जबकि कुछ जीवनशैली और अन्य बीमारियों से जुड़े होते हैं।
मुख्य कारण और जोखिम कारक
Aneurysm के लक्षण: कब सतर्क हो जाएं?

एन्यूरिज्म के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि वह कहां स्थित है, उसका आकार क्या है, और क्या वह फटा हुआ है या नहीं। कई एन्यूरिज्म, विशेष रूप से छोटे, लक्षण रहित (साइलेंट) होते हैं।
एक अनफटे (Unruptured) एन्यूरिज्म के लक्षण
जब एन्यूरिज्म बड़ा हो जाता है, तो यह आसपास के ऊतकों और नसों पर दबाव डालकर लक्षण पैदा कर सकता है।
एक फटे हुए (Ruptured) एन्यूरिज्म के लक्षण
एन्यूरिज्म का फटना एक आपातकालीन स्थिति है और इसके लक्षण अचानक और गंभीर होते हैं।
Aneurysm का निदान और जांच के तरीके
चूंकि कई एन्यूरिज्म लक्षणहीन होते हैं, इसलिए उनका निदान अक्सर अन्य समस्याओं के लिए की गई जांच में संयोग से होता है। यदि एन्यूरिज्म पर संदेह है, तो डॉक्टर निम्नलिखित इमेजिंग टेस्ट करवा सकते हैं:
Aneurysm का उपचार: विकल्प और प्रक्रियाएं

एन्यूरिज्म के उपचार का निर्णय उसके आकार, स्थान, विकास दर और मरीज की समग्र स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। छोटे, लक्षणहीन एन्यूरिज्म की केवल निगरानी की जा सकती है, जबकि बड़े या लक्षण वाले एन्यूरिज्म के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है।
निगरानी (वॉचफुल वेटिंग)
छोटे एन्यूरिज्म (उदाहरण के लिए, 5 सेंटीमीटर से छोटे एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म) जो लक्षण पैदा नहीं कर रहे हैं, उन्हें तुरंत ठीक करने की आवश्यकता नहीं हो सकती है। डॉक्टर नियमित अंतराल पर इमेजिंग टेस्ट (जैसे अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन) करवाकर उसके आकार में किसी भी बदलाव पर नजर रखते हैं। साथ ही, रक्तचाप नियंत्रण और धूम्रपान छोड़ने जैसे जोखिम कारकों को कम करने पर जोर दिया जाता है।
सर्जिकल उपचार
जब एन्यूरिज्म बड़ा हो, तेजी से बढ़ रहा हो, या लक्षण पैदा कर रहा हो, तो सर्जरी की सिफारिश की जाती है। दो मुख्य सर्जिकल प्रक्रियाएं हैं:
| प्रक्रिया | विवरण | लाभ | जोखिम/सीमाएं |
|---|---|---|---|
| ओपन सर्जरी (क्लिपिंग या रिपेयर) | मस्तिष्क एन्यूरिज्म के लिए: क्रेनियोटॉमी करके एन्यूरिज्म के आधार पर एक छोटी धातु की क्लिप लगाई जाती है ताकि रक्त के प्रवाह को रोका जा सके। महाधमनी एन्यूरिज्म के लिए: क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर एक सिंथेटिक ग्राफ्ट (डैक्रॉन ट्यूब) से बदल दिया जाता है। |
दीर्घकालिक स्थायित्व, एन्यूरिज्म को पूरी तरह से हटाना। | बड़ा चीरा, लंबी रिकवरी अवधि, संक्रमण, रक्तस्राव, हृदय या फेफड़ों से जुड़े जोखिम। |
| एंडोवैस्कुलर रिपेयर (कॉइलिंग या स्टेंट ग्राफ्ट) | यह एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है। कमर की एक धमनी के माध्यम से एक पतली ट्यूब (कैथेटर) को एन्यूरिज्म तक पहुंचाया जाता है। मस्तिष्क के एन्यूरिज्म को प्लैटिनम के कॉइल से भर दिया जाता है ताकि रक्त के प्रवाह को रोका जा सके। महाधमनी एन्यूरिज्म के लिए, एक स्टेंट-ग्राफ्ट को कैथेटर के माध्यम से पहुंचाकर एन्यूरिज्म वाले हिस्से में फैला दिया जाता है, जिससे रक्त इस नई लाइन में बहने लगता है और एन्यूरिज्म पर दबाव कम हो जाता है। | छोटा चीरा, कम दर्द, तेज रिकवरी, अस्पताल में कम दिन। | भविष्य में एन्यूरिज्म के दोबारा होने का थोड़ा अधिक जोखिम, कुछ एन्यूरिज्म के आकार या स्थान के कारण यह प्रक्रिया संभव नहीं होती, रक्त वाहिका को नुकसान। |
Aneurysm से बचाव और जीवनशैली प्रबंधन
हालांकि सभी एन्यूरिज्म को रोका नहीं जा सकता, खासकर जो आनुवंशिक कारणों से होते हैं, लेकिन जोखिम कारकों को कम करके इसके विकास की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Aneurysm के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

एन्यूरिज्म का हिंदी में क्या मतलब है?
एन्यूरिज्म का हिंदी में मतलब ‘धमनीविस्फार’ या ‘रक्त वाहिका का फैलाव’ होता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें किसी धमनी की दीवार कमजोर होकर बाहर की ओर फूल जाती है और एक गुब्बारे जैसा उभार बन जाता है।
क्या एन्यूरिज्म जानलेवा होता है?
हां, एक फटा हुआ एन्यूरिज्म एक गंभीर चिकित्सीय आपात स्थिति है और अक्सर जानलेवा हो सकता है, खासकर अगर तुरंत इलाज न मिले। हालांकि, कई एन्यूरिज्म कभी नहीं फटते और उचित निगरानी और प्रबंधन के साथ लंबे समय तक कोई समस्या नहीं पैदा करते।
मस्तिष्क एन्यूरिज्म के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
अनफटे मस्तिष्क एन्यूरिज्म के शुरुआती लक्षणों में आंख के पीछे दर्द, धुंधली या दोहरी दृष्टि, पलक गिरना, और चेहरे के एक तरफ सुन्नपन शामिल हो सकते हैं। फटे हुए एन्यूरिज्म का सबसे प्रमुख लक्षण अचानक और बेहद तेज सिरदर्द है।
क्या एन्यूरिज्म की वजह से सिरदर्द होता है?
एक अनफटा एन्यूरिज्म आमतौर पर सिरदर्द का कारण नहीं बनता है, लेकिन अगर यह बड़ा है और नसों पर दबाव डाल रहा है तो हो सकता है। हालांकि, एक फटे हुए एन्यूरिज्म से अचानक, भयानक सिरदर्द होता है, जो अक्सर एक चेतावनी संकेत होता है।
एन्यूरिज्म का इलाज कैसे किया जाता है?
छोटे, स्थिर एन्यूरिज्म का इलाज निगरानी और जोखिम कारकों को कम करने से किया जाता है। बड़े या लक्षण वाले एन्यूरिज्म के लिए दो मुख्य सर्जिकल विकल्प हैं: पारंपरिक ओपन सर्जरी या कम इनवेसिव एंडोवैस्कुलर रिपेयर (जैसे कॉइलिंग या स्टेंट ग्राफ्ट)।
क्या एन्यूरिज्म वापस आ सकता है?
उपचार के बाद, विशेष रूप से एंडोवैस्कुलर कॉइलिंग के बाद, एन्यूरिज्म के दोबारा होने या बढ़ने की एक छोटी संभावना होती है। इसलिए, उपचार के बाद भी नियमित फॉलो-अप इमेजिंग टेस्ट करवाना जरूरी है ताकि किसी भी बदलाव पर नजर रखी जा सके।
निष्कर्ष
Aneurysm या धमनीविस्फार एक गंभीर स्वास्थ्य स्थिति है जिसमें रक्त वाहिका की दीवार कमजोर होकर फैल जाती है। इसका हिंदी अर्थ समझना और इसके जोखिम कारकों, लक्षणों और उपचार विकल्पों के बारे में जागरूक होना महत्वपूर्ण है। जबकि कुछ एन्यूरिज्म आनुवंशिक होते हैं, स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, रक्तचाप नियंत्रित रखकर और धूम्रपान से परहेज करके कई एन्यूरिज्म के जोखिम को कम किया जा सकता है। यदि आपको एन्यूरिज्म के कोई भी लक्षण दिखाई दें, विशेष रूप से अचानक और गंभीर सिरदर्द या पेट/पीठ में दर्द, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। समय पर निदान और उचित प्रबंधन इस जटिल स्थिति के परिणामों में सुधार ला सकता है।
Last Updated on 11/02/2026 by Emma Collins

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