खुशी का अर्थ जानना ज़रूरी है, क्योंकि यह हमारे जीवन की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करता है। इस Meaning in Hindi category के लेख में, हम खुशी शब्द के विभिन्न अर्थों और उपयोगों को हिंदी में समझेंगे। हम खुशी की परिभाषा, खुशी के पर्यायवाची शब्द, और खुशी से जुड़े मुहावरे का भी विश्लेषण करेंगे। इसके अतिरिक्त, हम विभिन्न संदर्भों में खुशी का अर्थ जानेंगे, जैसे कि व्यक्तिगत खुशी, सामाजिक खुशी और आध्यात्मिक खुशी। अंत में, हम कुछ खुशी के उदाहरण देंगे जो आपको इस शब्द को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेंगे।
खुशी का मतलब हिंदी में: एक व्यापक गाइड
खुशी को हिंदी में समझना एक बहुआयामी प्रक्रिया है, क्योंकि खुशी का अर्थ केवल ‘हैप्पी’ का अनुवाद नहीं है, बल्कि यह एक गहरी भावना और जीवन के प्रति एक दृष्टिकोण है। यह गाइड ‘हैप्पी मीनिंग इन हिंदी’ के विभिन्न पहलुओं को उजागर करेगी, जिसमें इसकी परिभाषा, सांस्कृतिक महत्व और दैनिक जीवन में अभिव्यक्ति शामिल है।
खुशी एक ऐसी भावना है जो आनंद, संतोष और कल्याण की अनुभूति कराती है। यह एक क्षणिक एहसास नहीं है, बल्कि जीवन के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता है। हिंदी में, खुशी को विभिन्न शब्दों और वाक्यांशों के माध्यम से व्यक्त किया जा सकता है, जिनमें से प्रत्येक का अपना अनूठा अर्थ और महत्व है। उदाहरण के लिए, ‘आनंद’ पूर्ण आनंद को दर्शाता है, जबकि ‘प्रसन्नता’ संतुष्टि और संतोष का भाव व्यक्त करती है।
हिंदी साहित्य और संस्कृति में, खुशी को एक महत्वपूर्ण मूल्य के रूप में माना जाता है। प्राचीन ग्रंथों से लेकर आधुनिक सिनेमा तक, खुशी की खोज एक आवर्ती विषय है। यह माना जाता है कि खुशी केवल भौतिक सुखों से नहीं आती है, बल्कि आंतरिक शांति, दूसरों के साथ संबंध और जीवन के उद्देश्य को खोजने से भी प्राप्त होती है। कई त्योहार और परंपराएं खुशी के महत्व को दर्शाते हैं, जहाँ लोग मिलकर जश्न मनाते हैं और एक-दूसरे के साथ खुशियाँ बाँटते हैं। दिवाली, होली और ईद जैसे त्योहार न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि खुशी और भाईचारे के प्रतीक भी हैं।
दैनिक जीवन में खुशी का अनुभव करने के कई तरीके हैं। सकारात्मक दृष्टिकोण रखना, कृतज्ञता व्यक्त करना, दूसरों की मदद करना और अपने शौक को आगे बढ़ाना कुछ ऐसे उपाय हैं जिनसे खुशी प्राप्त की जा सकती है। खुशी एक व्यक्तिगत अनुभव है, और हर व्यक्ति के लिए इसका अर्थ अलग-अलग हो सकता है। इसलिए, खुशी की अपनी परिभाषा खोजना और उसे अपने जीवन में एकीकृत करना महत्वपूर्ण है।

हिंदी में ‘हैप्पी’ शब्द के विभिन्न अर्थ और पहलू
हिंदी भाषा में ‘हैप्पी’ शब्द, जिसे आमतौर पर खुश या प्रसन्न के रूप में अनुवादित किया जाता है, केवल एक भावना नहीं है बल्कि विभिन्न अर्थों और पहलुओं को समाहित करता है जो जीवन के अनुभवों और सांस्कृतिक संदर्भों से जुड़े हैं। यह शब्द न केवल तात्कालिक आनंद को दर्शाता है, बल्कि दीर्घकालिक संतुष्टि, कल्याण और आंतरिक शांति की भावना को भी व्यक्त करता है।
‘हैप्पी’ शब्द के विभिन्न अर्थों को समझने के लिए, हमें इसके सांस्कृतिक और भाषाई संदर्भ को गहराई से जांचना होगा। हिंदी में, खुशी केवल एक मनोदशा नहीं है, बल्कि एक जीवनशैली का हिस्सा है। यह परिवार, समुदाय और सामाजिक संबंधों के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है।
यहां कुछ पहलू दिए गए हैं जो हिंदी में ‘हैप्पी’ शब्द के अर्थ को और स्पष्ट करते हैं:
- भावनात्मक पहलू: खुशी एक सकारात्मक भावना है जो आनंद, उत्साह और संतुष्टि की भावनाओं को जन्म देती है। यह दुख, उदासी और निराशा के विपरीत है।
- मानसिक पहलू: खुशी एक मानसिक स्थिति भी है जो आशावाद, आत्मविश्वास और आत्म-स्वीकृति से जुड़ी है। खुश लोग जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं और चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर ढंग से तैयार होते हैं।
- सामाजिक पहलू: खुशी अक्सर दूसरों के साथ जुड़ाव और संबंधों से प्राप्त होती है। परिवार, दोस्तों और समुदाय के साथ समय बिताने से खुशी और संतोष की भावना बढ़ सकती है।
- आध्यात्मिक पहलू: कुछ लोगों के लिए, खुशी आंतरिक शांति और आध्यात्मिक जागृति से जुड़ी होती है। ध्यान, योग और अन्य आध्यात्मिक प्रथाओं के माध्यम से खुशी प्राप्त की जा सकती है।
हिंदी साहित्य और संस्कृति में, खुशी को अक्सर एक महत्वपूर्ण मूल्य के रूप में दर्शाया गया है। रामायण और महाभारत जैसे प्राचीन ग्रंथों में, खुशी को धर्म, न्याय और करुणा के मार्ग पर चलने से प्राप्त होने वाले परिणाम के रूप में चित्रित किया गया है।
संक्षेप में, हिंदी में ‘हैप्पी’ शब्द के कई अर्थ और पहलू हैं जो व्यक्तिगत अनुभवों, सांस्कृतिक मूल्यों और आध्यात्मिक मान्यताओं से जुड़े हुए हैं। खुशी केवल एक भावना नहीं है, बल्कि एक जीवन जीने का तरीका है।

हिंदी साहित्य और संस्कृति में खुशी का महत्व
हिंदी साहित्य और संस्कृति में खुशी का एक गहरा और महत्वपूर्ण स्थान है, जो न केवल व्यक्तिगत भावनाओं को दर्शाता है बल्कि जीवन के मूल्यों और सामाजिक ताने-बाने को भी आकार देता है। यह ‘हैप्पी’ शब्द का हिंदी अर्थ के व्यापक संदर्भ में एक महत्वपूर्ण पहलू है। सदियों से, खुशी को विभिन्न रूपों में मनाया गया है, जो हमारे त्योहारों, रीति-रिवाजों, कला और साहित्य में स्पष्ट है।
प्राचीन ग्रंथों में खुशी की अवधारणा:
प्राचीन भारतीय ग्रंथों जैसे वेदों, उपनिषदों और पुराणों में खुशी को ‘आनंद’ के रूप में वर्णित किया गया है, जो एक परम और शाश्वत अवस्था है। यह आनंद भौतिक सुखों से परे है और आत्म-साक्षात्कार और ज्ञानोदय से जुड़ा है। रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों में भी खुशी के महत्व को दर्शाया गया है, जहां नायक अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करते हुए भी आंतरिक शांति और संतोष बनाए रखने का प्रयास करते हैं।
लोकगीतों और त्योहारों में खुशी:
भारतीय लोकगीतों और त्योहारों में खुशी का उत्सव एक आम बात है। होली, रंगों का त्योहार, वसंत के आगमन और नई शुरुआत का प्रतीक है, जो लोगों को एक साथ आकर नाचने, गाने और रंग खेलने के लिए प्रोत्साहित करता है। दिवाली, रोशनी का त्योहार, अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है और इसे खुशी और समृद्धि के साथ मनाया जाता है। इन त्योहारों में, लोग पारंपरिक नृत्य करते हैं, लोकगीत गाते हैं और एक-दूसरे के साथ स्वादिष्ट भोजन साझा करते हैं, जिससे सामुदायिक भावना और खुशी बढ़ती है।
साहित्य और कला में खुशी का चित्रण:
हिंदी साहित्य और कला में भी खुशी को विभिन्न रूपों में चित्रित किया गया है। भक्तिकाल के कवियों जैसे सूरदास, तुलसीदास और मीराबाई ने अपनी रचनाओं में ईश्वर के प्रति प्रेम और भक्ति को खुशी का स्रोत बताया है। आधुनिक हिंदी साहित्य में भी खुशी के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें व्यक्तिगत संबंध, सामाजिक न्याय और प्रकृति के प्रति प्रेम शामिल हैं। फिल्मों, नाटकों और संगीत में भी खुशी को एक महत्वपूर्ण विषय के रूप में दर्शाया जाता है, जो दर्शकों को प्रेरित करता है और उन्हें जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
खुशी का सामाजिक महत्व:
खुशी न केवल व्यक्तिगत कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक सद्भाव और प्रगति के लिए भी आवश्यक है। एक खुशहाल समाज में लोग अधिक रचनात्मक, उत्पादक और सहयोगी होते हैं। खुशी हमें दूसरों के प्रति सहानुभूति रखने, जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में सकारात्मक योगदान करने के लिए प्रेरित करती है। इसलिए, खुशी को बढ़ावा देना एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसे हमें अपने परिवारों, समुदायों और राष्ट्रों में बढ़ावा देना चाहिए।

हिंदी में खुशी व्यक्त करने के सामान्य तरीके
हिंदी में खुशी व्यक्त करने के सामान्य तरीके विभिन्न प्रकार के हैं, जिनमें शब्दों, कार्यों और गैर-मौखिक संकेतों का उपयोग शामिल है। खुशी, जिसे हिंदी में खुशी के रूप में जाना जाता है, एक मूलभूत मानवीय भावना है जिसे कई अलग-अलग तरीकों से व्यक्त किया जा सकता है, और इन अभिव्यक्तियों को समझना सांस्कृतिक संचार और भावनात्मक बुद्धिमत्ता के लिए महत्वपूर्ण है।
खुशी व्यक्त करने के सामान्य तरीकों में शामिल हैं:
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मुस्कुराना: मुस्कान एक सार्वभौमिक संकेत है जो खुशी और मित्रता को दर्शाता है। यह सबसे आम और आसानी से पहचानने योग्य तरीका है हिंदी में खुशी व्यक्त करने का।
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हंसना: हंसी खुशी, आनंद और मनोरंजन की अभिव्यक्ति है। यह मौखिक और गैर-मौखिक दोनों तरह से व्यक्त किया जा सकता है, और यह संक्रामक हो सकता है।
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सकारात्मक शब्दों का प्रयोग: “मैं खुश हूँ”, “यह बहुत अच्छा है”, और “मुझे बहुत आनंद आ रहा है” जैसे शब्दों का उपयोग खुशी व्यक्त करने के लिए किया जा सकता है। किसी व्यक्ति की खुशी को व्यक्त करने के लिए “धन्यवाद” कहना भी एक तरीका है।
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उत्सव मनाना: विशेष अवसरों, जैसे जन्मदिन, वर्षगाँठ, और त्योहारों को मनाने के लिए पार्टियों, उपहारों और अन्य उत्सवों का आयोजन करना खुशी व्यक्त करने का एक तरीका है। दिवाली, होली, और ईद जैसे त्योहारों में लोग खुशी और उत्साह के साथ भाग लेते हैं।
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उपहार देना: किसी को उपहार देना खुशी व्यक्त करने का एक तरीका है, खासकर जब उपहार व्यक्तिगत और विचारशील हो। उपहार देना प्यार और स्नेह का भी प्रतीक हो सकता है।
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दूसरों के साथ समय बिताना: उन लोगों के साथ समय बिताना जिन्हें आप पसंद करते हैं और उनकी परवाह करते हैं, खुशी व्यक्त करने का एक तरीका है। यह सामाजिक संबंध और जुड़ाव की भावना को बढ़ावा देता है।
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कृतज्ञता व्यक्त करना: जो कुछ आपके पास है उसके लिए आभारी होना खुशी व्यक्त करने का एक तरीका है। यह सकारात्मकता और संतुष्टि को बढ़ावा देता है।
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मदद करना: दूसरों की मदद करना खुशी व्यक्त करने का एक तरीका है, क्योंकि यह आपको अच्छा महसूस कराता है और दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। यह सहानुभूति और करुणा को बढ़ावा देता है।
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शारीरिक स्नेह: गले लगाना, हाथ पकड़ना और चुंबन जैसे शारीरिक स्नेह खुशी और प्यार व्यक्त करने के तरीके हैं। यह अंतरंगता और संबंध की भावना को बढ़ाता है।
हिंदी में खुशी व्यक्त करने के ये कुछ सामान्य तरीके हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि खुशी की अभिव्यक्ति सांस्कृतिक और व्यक्तिगत रूप से भिन्न हो सकती है।

हिंदी में खुशी व्यक्त करने के विभिन्न तरीकों को जानने के लिए, यह लेख पढ़ें: Happy Meaning In Hindi: खुशी, आनंद और प्रसन्नता – अर्थ, उपयोग!
हिंदी में खुशी से संबंधित भावनाएँ और अवधारणाएँ
हिंदी भाषा में खुशी सिर्फ एक शब्द नहीं है, बल्कि यह कई भावनाओं और अवधारणाओं का एक समूह है जो जीवन में सकारात्मकता और आनंद का अनुभव कराते हैं। हैप्पी मीनिंग इन हिंदी के संदर्भ में, खुशी को आनंद, सुख, प्रसन्नता, आह्लाद और संतोष जैसी भावनाओं के रूप में समझा जा सकता है। ये भावनाएँ व्यक्ति के आंतरिक मन और बाहरी परिस्थितियों दोनों से जुड़ी हो सकती हैं।
खुशी की भावना को विभिन्न पहलुओं से समझा जा सकता है। यह केवल क्षणिक सुख नहीं है, बल्कि एक गहरी और स्थायी भावना है जो जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और संतुष्टि से उत्पन्न होती है। उदाहरण के लिए, संतोष की भावना दिखाती है कि हमारे पास जो है, उससे संतुष्ट रहना खुशी का एक महत्वपूर्ण पहलू है। इसके विपरीत, लालच और असंतुष्टि जैसी भावनाएँ खुशी के मार्ग में बाधा बन सकती हैं।
हिंदी साहित्य और दर्शन में भी खुशी से संबंधित कई अवधारणाएँ हैं। आनंद, जो अक्सर आध्यात्मिक सुख और परम आनंद के लिए प्रयोग किया जाता है, एक ऐसी अवस्था है जहाँ व्यक्ति सांसारिक दुखों से ऊपर उठकर शाश्वत सुख का अनुभव करता है। मुस्कान, जो चेहरे पर खुशी का प्रकटीकरण है, एक सरल लेकिन शक्तिशाली अभिव्यक्ति है जो न केवल व्यक्ति को खुशी देती है बल्कि दूसरों को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।
खुशी से जुड़ी कुछ अन्य भावनाएँ और अवधारणाएँ इस प्रकार हैं:
- उल्लास: यह अत्यंत खुशी और उत्साह की भावना है, जो अक्सर किसी विशेष अवसर या सफलता से जुड़ी होती है।
- प्रसन्नता: यह एक सामान्य खुशी की भावना है, जो अक्सर छोटी-छोटी चीजों में पाई जाती है।
- शांति: यह मन की एक शांत और स्थिर अवस्था है, जो खुशी का एक महत्वपूर्ण घटक है।
- gratitude (कृतज्ञता): जो कुछ भी हमारे पास है उसके लिए आभारी होना खुशी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जो व्यक्ति कृतज्ञ होता है वो छोटी-छोटी चीज़ों में भी खुशियाँ ढूंढ लेता है।
इन विभिन्न भावनाओं और अवधारणाओं को समझकर, हम हिंदी में खुशी के अर्थ की गहराई को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और अपने जीवन में अधिक खुशी लाने के तरीकों की तलाश कर सकते हैं।
खुशी की भावनाओं और अवधारणाओं के बारे में और जानने के लिए, यह लेख देखें: Happy Meaning In Hindi: खुशी, आनंद और प्रसन्नता – अर्थ, उपयोग!
खुशी के पर्यायवाची और विलोम शब्द हिंदी में
हिंदी में खुशी (happy meaning in hindi) एक ऐसी भावना है जिसे हर कोई महसूस करना चाहता है, और इस भावना को व्यक्त करने के कई तरीके हैं। हिंदी भाषा में, खुशी को व्यक्त करने के लिए कई पर्यायवाची (synonyms) और विलोम शब्द (antonyms) मौजूद हैं, जो इसकी गहराई और व्यापकता को दर्शाते हैं। खुशी के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए, इन शब्दों का ज्ञान आवश्यक है।
खुशी के कई पर्यायवाची शब्द हैं जो आनंद, सुख और प्रसन्नता की भावना को व्यक्त करते हैं। इन पर्यायवाची शब्दों में आनंद, प्रसन्नता, हर्ष, उल्लास, आह्लाद, सुख, चैन, संतोष शामिल हैं। ये शब्द खुशी की तीव्रता और प्रकार में भिन्नता दर्शाते हैं। उदाहरण के लिए, ‘आनंद’ एक गहरी और स्थायी खुशी को दर्शाता है, जबकि ‘उल्लास’ एक क्षणिक और तीव्र खुशी को व्यक्त करता है। ‘हर्ष’ का उपयोग अक्सर किसी विशेष अवसर पर महसूस होने वाली खुशी के लिए किया जाता है।
इसके विपरीत, हिंदी में दुख, उदासी और निराशा को व्यक्त करने वाले कई विलोम शब्द भी हैं जो खुशी के विपरीत भावनाओं को दर्शाते हैं। दुख, उदासी, निराशा, शोक, गम, विषाद, क्लेश जैसे शब्द खुशी की कमी या अभाव को व्यक्त करते हैं। ‘दुख’ एक सामान्य शब्द है जो किसी भी प्रकार की पीड़ा को दर्शाता है, जबकि ‘शोक’ किसी प्रियजन की मृत्यु के कारण होने वाले दुख को व्यक्त करता है। ‘निराशा’ उम्मीद की कमी को दर्शाती है, जबकि ‘विषाद’ एक गहरी और स्थायी उदासी की भावना है।
दैनिक जीवन में ‘खुशी’ शब्द का सही उपयोग करने के लिए, इसके विभिन्न पर्यायवाची और विलोम शब्दों का ज्ञान होना आवश्यक है। इन शब्दों की बारीकियों को समझकर, हम अपनी भावनाओं को अधिक सटीक और प्रभावी ढंग से व्यक्त कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप किसी छोटी सी सफलता पर खुश हैं, तो आप ‘प्रसन्न’ शब्द का उपयोग कर सकते हैं, जबकि यदि आप किसी बड़ी उपलब्धि से खुश हैं, तो ‘आनंदित’ शब्द अधिक उपयुक्त होगा। इसी तरह, यदि आप किसी बात से दुखी हैं, तो आप ‘उदास’ या ‘शोक’ जैसे शब्दों का उपयोग करके अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकते हैं।

दैनिक जीवन में हिंदी में ‘खुशी’ का उपयोग कैसे करें
दैनिक जीवन में खुशी का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है, जो न केवल हमारे व्यक्तिगत जीवन को समृद्ध करता है बल्कि सामाजिक संबंधों को भी बेहतर बनाता है। हैप्पी मीनिंग इन हिंदी के संदर्भ में, खुशी को केवल एक भावना नहीं, बल्कि एक जीवन शैली के रूप में अपनाना महत्वपूर्ण है।
खुशी को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए, सबसे पहले छोटी-छोटी चीजों में आनंद ढूंढना सीखें। सुबह की चाय का आनंद लें, प्रकृति की सुंदरता को निहारें, या किसी प्रियजन के साथ कुछ पल बिताएं। इन सरल कार्यों में खुशी ढूंढकर आप अपने जीवन में सकारात्मकता ला सकते हैं। इसके अतिरिक्त, अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए हिंदी भाषा का उपयोग करें। उदाहरण के लिए, किसी मित्र को ‘मुझे आज बहुत खुशी हो रही है’ या ‘आपका साथ पाकर दिल बाग-बाग हो गया’ जैसे वाक्य बोलकर अपनी खुशी व्यक्त करें।
हिंदी भाषा और संस्कृति में खुशी व्यक्त करने के कई सुंदर और सार्थक तरीके मौजूद हैं।
- कृतज्ञता व्यक्त करें: ‘धन्यवाद’, ‘शुक्रिया’, ‘आभारी हूं’ जैसे शब्दों का उपयोग करके दूसरों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें। यह न केवल आपकी खुशी को बढ़ाता है बल्कि दूसरों को भी अच्छा महसूस कराता है।
- सकारात्मक रहें: अपनी बातचीत में सकारात्मक शब्दों और वाक्यांशों का उपयोग करें। ‘सब ठीक हो जाएगा’, ‘चिंता मत करो’, ‘हमेशा उम्मीद रखो’ जैसे वाक्य निराशा के समय में भी आशा बनाए रखने में मदद करते हैं।
- मुस्कुराएं: मुस्कुराहट खुशी का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है। एक सच्ची मुस्कान न केवल आपके चेहरे को रोशन करती है बल्कि दूसरों को भी आकर्षित करती है।
- दूसरों की मदद करें: दूसरों की मदद करने से आपको आंतरिक संतुष्टि और खुशी मिलती है। किसी जरूरतमंद की सहायता करें, किसी बीमार की देखभाल करें, या किसी बच्चे को पढ़ाएं।
- अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें: अपनी रचनात्मकता को व्यक्त करें, चाहे वह संगीत हो, नृत्य हो, कला हो, या लेखन हो। अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने से आपको खुशी और आत्मविश्वास मिलता है।
- त्योहारों और उत्सवों में भाग लें: भारतीय संस्कृति में त्योहारों और उत्सवों का महत्वपूर्ण स्थान है। होली, दिवाली, ईद, क्रिसमस जैसे त्योहारों में भाग लेकर आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ खुशी बांट सकते हैं।
इन सरल तरीकों को अपनाकर आप अपने दैनिक जीवन में खुशी को बढ़ा सकते हैं और एक खुशहाल और संतुष्ट जीवन जी सकते हैं। खुशी, अंततः, एक चुनाव है जिसे हमें हर दिन करना होता है।
दैनिक जीवन में ‘खुशी’ शब्द का सही उपयोग जानने के लिए, यह लेख देखें: Happy Meaning In Hindi: खुशी, आनंद और प्रसन्नता – अर्थ, उपयोग!
Last Updated on 10/12/2025 by Emma Collins

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