ज्यामिति की दुनिया में कोणों की अपनी एक विशेष भाषा और महत्व है। “Obtuse angle meaning in Hindi” की खोज करने वाले छात्रों, शिक्षकों और जिज्ञासुओं के लिए यह आलेख एक संपूर्ण संसाधन है। एक अधिक कोण (Obtuse Angle) वह कोण है जिसका माप 90 डिग्री (समकोण) से अधिक लेकिन 180 डिग्री (सीधे कोण) से कम होता है। हिंदी में इसे ‘अधिक कोण’ या ‘स्थूल कोण’ कहा जाता है। यह मूलभूत अवधारणा त्रिकोणमिति, आर्किटेक्चर और इंजीनियरिंग सहित कई क्षेत्रों की नींव रखती है।
Obtuse Angle क्या है? हिंदी में पूरी परिभाषा और अर्थ

शब्द ‘Obtuse’ लैटिन शब्द ‘obtusus’ से आया है, जिसका अर्थ है कुंद या सुस्त। ज्यामिति में, एक अधिक कोण (Obtuse Angle) को उसके माप के आधार पर परिभाषित किया जाता है। जब दो किरणें या रेखाखंड एक उभयनिष्ठ बिंदु (शीर्ष) पर मिलते हैं और बनने वाले कोण का मान 90° और 180° के बीच होता है, तो उसे अधिक कोण कहते हैं।
इसे सरल भाषा में समझें तो, यह एक “खुला हुआ” कोण है जो समकोण से बड़ा लेकिन सीधी रेखा से छोटा होता है। इसकी विशेषता यह है कि इसके दोनों भुजाएं एक दूसरे से इतनी दूर होती हैं कि कोण चौड़ा दिखाई देता है, न कि नुकीला। रोजमर्रा की जिंदगी में, खुले हुए दरवाजे का कोण, घड़ी में 4 बजकर 10 मिनट पर बने घंटे और मिनट की सूइयों के बीच का कोण, या एक विस्तृत ‘V’ आकार अधिक कोण के उदाहरण हो सकते हैं।
अधिक कोण (Obtuse Angle) की मुख्य विशेषताएं
- माप सीमा: 90° < θ < 180° (थीटा 90 डिग्री से बड़ा और 180 डिग्री से छोटा)।
- हिंदी नाम: अधिक कोण, स्थूल कोण।
- आकार: यह न्यून कोण (Acute Angle) से बड़ा और समकोण (Right Angle) से भी बड़ा होता है।
- त्रिभुज में: किसी भी त्रिभुज में केवल एक ही अधिक कोण हो सकता है।
- किसी स्लाइड का ऊपरी हिस्सा जमीन के साथ जो कोण बनाता है (यदि वह बहुत ढलानदार नहीं है)।
- खुले हुए कैंची के दोनों ब्लेड के बीच का कोण।
- तनी हुई रबर बैंड के दोनों सिरों को पकड़े हुए हाथों के बीच का कोण।
- पहाड़ी की ढलान जो बहुत तीखी न हो।
- दो अधिक कोणों का योग हमेशा 180 डिग्री से अधिक होगा, इसलिए वे किसी त्रिभुज के दो कोण नहीं हो सकते।
- एक अधिक कोण और एक न्यून कोण का योग 180 डिग्री से कम, अधिक या बराबर हो सकता है, यह उनके माप पर निर्भर करता है।
- एक अधिक कोण का पूरक कोण (Complementary Angle) नहीं हो सकता, क्योंकि पूरक कोणों का योग 90° होता है।
- एक अधिक कोण का संपूरक कोण (Supplementary Angle) हमेशा एक न्यून कोण होगा, क्योंकि 180° में से 90° से बड़ी संख्या घटाने पर 90° से छोटी संख्या ही प्राप्त होगी।
- भ्रम 1: 90 डिग्री के कोण को अधिक कोण मान लेना। याद रखें, अधिक कोण 90 डिग्री से सख्ती से बड़ा होना चाहिए। 90 डिग्री बिल्कुल समकोण है।
- भ्रम 2: 180 डिग्री के कोण को अधिक कोण मान लेना। 180 डिग्री एक सीधा कोण (Straight Angle) है, न कि अधिक कोण। अधिक कोण 180 डिग्री से सख्ती से छोटा होना चाहिए।
- भ्रम 3: यह सोचना कि एक त्रिभुज में एक से अधिक अधिक कोण हो सकते हैं। एक त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180 डिग्री होता है। यदि दो कोण भी 90 डिग्री से बड़े होंगे (मान लें 91° और 91°), तो केवल इन दोनों का योग ही 182° हो जाएगा, जो 180° से अधिक है। इसलिए यह असंभव है।
- भ्रम 4: केवल आकृति को देखकर बिना मापे कोण का प्रकार बता देना। कभी-कभी दृष्टि भ्रम हो सकता है। सटीकता के लिए प्रोट्रैक्टर का उपयोग या ज्यामितीय गुणों का प्रयोग करना चाहिए।
अधिक कोण के प्रकार और उदाहरण (Types and Examples of Obtuse Angle)
अधिक कोण को मुख्य रूप से उसके माप के आधार पर वर्गीकृत नहीं किया जाता, बल्कि यह स्वयं कोणों का एक प्रमुख वर्ग है। हालाँकि, इसके उदाहरणों को विभिन्न संदर्भों में देखा जा सकता है।
वास्तविक जीवन के उदाहरण
ज्यामितीय आकृतियों में उदाहरण
अधिक कोण विभिन्न बहुभुजों में पाए जाते हैं। एक समबाहु त्रिभुज में सभी कोण 60 डिग्री के होते हैं, जो न्यून कोण हैं, इसलिए उसमें अधिक कोण नहीं होता। लेकिन एक विषमबाहु त्रिभुज में एक कोण 100 डिग्री का हो सकता है, जो एक स्पष्ट अधिक कोण है। कुछ चतुर्भुज, जैसे समलम्ब चतुर्भुज, में भी अधिक कोण हो सकते हैं।
अधिक कोण, न्यून कोण और समकोण में अंतर (Comparison Table)

| पैरामीटर | अधिक कोण (Obtuse Angle) | न्यून कोण (Acute Angle) | समकोण (Right Angle) |
|---|---|---|---|
| डिग्री में माप | 90° से अधिक, 180° से कम | 0° से अधिक, 90° से कम | बराबर 90° |
| हिंदी नाम | अधिक कोण / स्थूल कोण | न्यून कोण / लघु कोण | समकोण |
| आकार | चौड़ा, खुला हुआ | नुकीला, संकरा | पूर्ण ‘L’ आकार |
| त्रिभुज में | केवल एक ही हो सकता है | दो या तीन हो सकते हैं | ठीक एक हो सकता है (समकोण त्रिभुज में) |
| सामान्य उदाहरण | 110°, 135°, 179° | 30°, 45°, 89° | 90° |
अधिक कोण से जुड़े महत्वपूर्ण गुण और प्रमेय
अधिक कोण केवल एक परिभाषा नहीं है, बल्कि इसके कई गणितीय गुण हैं जो ज्यामिति की समस्याओं को हल करने में मदद करते हैं।
त्रिभुजों में अधिक कोण का गुण
किसी भी त्रिभुज में, यदि एक कोण अधिक कोण है, तो शेष दोनों कोण अनिवार्य रूप से न्यून कोण होंगे। इसके अलावा, एक अधिक कोण त्रिभुज (Obtuse Angled Triangle) में, अधिक कोण के सामने वाली भुजा सबसे लंबी होती है। यह कोसाइन नियम (Cosine Rule) से सिद्ध होता है, क्योंकि अधिक कोण की कोसाइन ऋणात्मक होती है।
कोण योग गुण
अधिक कोण के व्यावहारिक अनुप्रयोग (Real-World Applications)

अधिक कोण की अवधारणा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है। इसके कई व्यावहारिक उपयोग हैं जो हमारे आसपास की दुनिया को आकार देते हैं।
आर्किटेक्चर और निर्माण
भवन निर्माण में, छत के ढलान को अक्सर एक अधिक कोण के रूप में डिजाइन किया जाता है ताकि बारिश का पानी और बर्फ आसानी से नीचे गिर सके। पुलों के कुछ डिजाइन, विशेष रूप से ट्रस ब्रिज में, अधिक कोण वाले त्रिभुजों का उपयोग स्थिरता और भार वहन क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है।
इंजीनियरिंग और डिजाइन
मैकेनिकल इंजीनियरिंग में, क्रैंक और कनेक्टिंग रॉड जैसे मैकेनिज्म में विभिन्न कोण बनते हैं, जिनमें अधिक कोण भी शामिल होते हैं। यह गति के हस्तांतरण को प्रभावित करता है। एरोडायनामिक्स में, विमान के पंखों के हमले का कोण (Angle of Attack) एक निश्चित सीमा से अधिक होने पर अधिक कोण बन सकता है, जिससे स्टॉल की स्थिति उत्पन्न होती है।
कंप्यूटर ग्राफिक्स और गेम डेवलपमेंट
थ्री-डी मॉडलिंग, एनीमेशन और वीडियो गेम्स में, ऑब्जेक्ट्स के बीच के कोणों की गणना, प्रकाश का परावर्तन और दृष्टि की रेखा (Line of Sight) निर्धारित करने के लिए अधिक कोण की अवधारणा का उपयोग होता है। कॉलिजन डिटेक्शन एल्गोरिदम भी कोणों के प्रकार को ध्यान में रखते हैं।
अधिक कोण से जुड़ी सामान्य गलतियाँ और भ्रम
छात्र अक्सर अधिक कोण को समझने और पहचानने में कुछ सामान्य भूलें करते हैं। इन्हें जानकर आप सटीकता बढ़ा सकते हैं।
अधिक कोण की पहचान और मापने के तरीके

किसी कोण को अधिक कोण के रूप में पहचानने के लिए कई विधियाँ हैं।
प्रोट्रैक्टर का उपयोग करके
यह सबसे सीधी विधि है। कोण के शीर्ष पर प्रोट्रैकटर के केंद्र को रखें और एक भुजा को शून्य अंश के साथ संरेखित करें। दूसरी भुजा जहाँ संख्या दर्शाती है, वह उसका माप है। यदि वह माप 90 और 180 के बीच है, तो वह अधिक कोण है।
समकोण त्रिकोण (सेट स्क्वेयर) की सहायता से
यदि प्रोट्रैक्टर उपलब्ध न हो, तो एक समकोण त्रिकोण (90° का कोण) का उपयोग करें। कोण के शीर्ष पर समकोण त्रिकोण का समकोण वाला कोना रखें। यदि दी गई कोण की दोनों भुजाएँ समकोण त्रिकोण की दोनों भुजाओं के बाहर फैली हुई दिखाई दें, तो दिया गया कोण 90° से बड़ा है। फिर यह देखने के लिए जांचें कि क्या यह एक सीधी रेखा (180°) से छोटा है।
ज्यामितीय गुणों के आधार पर
यदि कोण किसी त्रिभुज का हिस्सा है और आप जानते हैं कि त्रिभुज की सबसे लंबी भुजा कौन-सी है, तो सबसे लंबी भुजा के सामने वाला कोण अधिक कोण होता है। इसी प्रकार, यदि किसी त्रिभुज में एक कोण की कोसाइन का मान ऋणात्मक आता है, तो वह कोण अधिक कोण है।
अधिक कोण पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Obtuse Angle को हिंदी में क्या कहते हैं?
Obtuse Angle को हिंदी में ‘अधिक कोण’ या ‘स्थूल कोण’ कहा जाता है। ‘अधिक’ शब्द यहाँ ‘ज्यादा’ के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है, यानी 90 डिग्री से अधिक माप वाला कोण।
क्या 180 डिग्री का कोण एक Obtuse Angle है?
नहीं, 180 डिग्री का कोण एक Obtuse Angle नहीं है। Obtuse Angle की परिभाषा के अनुसार उसका माप 90 डिग्री से अधिक लेकिन 180 डिग्री से कम होना चाहिए। 180 डिग्री का कोण एक ‘सीधा कोण’ (Straight Angle) कहलाता है।
एक त्रिभुज में कितने अधिक कोण हो सकते हैं?
किसी भी त्रिभुज में ठीक एक ही अधिक कोण हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि त्रिभुज के तीनों आंतरिक कोणों का योग 180 डिग्री होता है। यदि दो कोण भी 90 डिग्री से बड़े होंगे (मान लें प्रत्येक 100 डिग्री), तो केवल इन दोनों का योग ही 200 डिग्री हो जाएगा, जो 180 डिग्री से अधिक है, जो असंभव है।
अधिक कोण का संपूरक कोण किस प्रकार का होता है?
किसी भी अधिक कोण का संपूरक कोण (Supplementary Angle) हमेशा एक न्यून कोण (Acute Angle) होगा। संपूरक कोण वे होते हैं जिनका योग 180 डिग्री होता है। चूँकि अधिक कोण 90° से बड़ा होता है, इसलिए 180° में से उसे घटाने पर प्राप्त संख्या हमेशा 90° से छोटी ही होगी, जो एक न्यून कोण की परिभाषा है।
क्या समकोण त्रिभुज में अधिक कोण हो सकता है?
नहीं, एक समकोण त्रिभुज (Right Angled Triangle) में कभी भी अधिक कोण नहीं हो सकता। समकोण त्रिभुज में एक कोण ठीक 90 डिग्री का होता है। शेष दोनों कोणों का योग भी 90 डिग्री होना चाहिए। दोनों कोणों का योग 90 डिग्री हो, तो वे दोनों स्वयं 90 डिग्री से छोटे ही होंगे, यानी न्यून कोण। इसलिए समकोण त्रिभुज में एक समकोण और दो न्यून कोण होते हैं।
निष्कर्ष

अधिक कोण (Obtuse Angle) ज्यामिति का एक मौलिक और दिलचस्प भाग है। हिंदी में इसे ‘अधिक कोण’ के रूप में जाना जाता है, जिसका माप 90 और 180 डिग्री के बीच होता है। इसकी पहचान, गुणों की समझ और व्यावहारिक अनुप्रयोगों का ज्ञान न केवल शैक्षणिक सफलता के लिए, बल्कि वास्तविक दुनिया की समस्याओं को समझने के लिए भी आवश्यक है। त्रिभुजों में इसके विशेष गुण, जैसे कि केवल एक अधिक कोण का होना और सबसे लंबी भुजा का इसके सामने होना, ज्यामितीय प्रमेयों को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आर्किटेक्चर से लेकर कंप्यूटर साइंस तक, इस अवधारणा की उपयोगिता सर्वव्यापी है। सामान्य भ्रमों से बचते हुए और सही विधियों से अभ्यास करके, कोई भी इस अवधारणा में पारंगत हो सकता है।
Last Updated on 30/03/2026 by Emma Collins

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