
subject and predicate meaning in hindi सीखना अंग्रेजी व्याकरण की नींव को मजबूत करने के लिए आवश्यक है। किसी भी वाक्य (Sentence) को समझने के लिए, यह जानना ज़रूरी है कि कौन कार्य कर रहा है और क्या कार्य किया जा रहा है। यह लेख आपको कर्ता और विधेय (उद्देश्य और विधेय) की गहन जानकारी प्रदान करता है, जो विशेष रूप से भारतीय शिक्षार्थियों के लिए तैयार की गई है। हम यह समझेंगे कि ये भाग कैसे काम करते हैं, उनके आंतरिक घटक क्या हैं और इनका उपयोग आपकी संप्रेषण कौशल (communication skills) में कैसे सुधार करता है। यह ज्ञान आपको जटिल वाक्यों को आसानी से तोड़ने में मदद करेगा।

वाक्य की मूलभूत संरचना: कर्ता और विधेय का परिचय
हर पूर्ण वाक्य में दो मुख्य भाग होते हैं। इन्हें कर्ता (Subject) और विधेय (Predicate) कहा जाता है। कर्ता वह होता है जिसके बारे में बात की जा रही है या जो कार्य कर रहा है। विधेय वह भाग होता है जो कर्ता के विषय में जानकारी देता है। किसी भी प्रभावी वाक्य के निर्माण के लिए इन दो घटकों का होना अनिवार्य है। यह विभाजन अंग्रेजी व्याकरण की समझ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कर्ता (Subject) क्या है?
कर्ता वाक्य का वह हिस्सा है जिसके बारे में कुछ कहा जाता है। यह वह व्यक्ति, स्थान, चीज़ या विचार होता है जो क्रिया (Verb) करता है। कर्ता प्रायः एक संज्ञा (Noun) या सर्वनाम (Pronoun) होता है। सरल शब्दों में, जब आप पूछते हैं “यह कार्य किसने किया?” या “किसके बारे में बात हो रही है?”, तो उत्तर कर्ता होता है।
उदाहरण:
The dog ran fast.
(कुत्ता तेज़ी से दौड़ा।)
यहां The dog कर्ता है, क्योंकि यह दौड़ने की क्रिया कर रहा है।
कर्ता को पहचानना शुरुआती चरण में सबसे आसान होता है। इसे अक्सर वाक्य की शुरुआत में रखा जाता है। हालाँकि, जटिल वाक्यों में या प्रश्नवाचक वाक्यों में इसका स्थान बदल सकता है। कर्ता ही यह निर्धारित करता है कि क्रिया का रूप (वचन और लिंग) क्या होगा।
विधेय (Predicate) क्या है?
विधेय वह सब कुछ है जो कर्ता के विषय में बताता है। विधेय में हमेशा एक क्रिया (Verb) शामिल होती है। यह हमें बताता है कि कर्ता क्या कर रहा है, कर्ता क्या है, या कर्ता पर क्या हो रहा है। विधेय वाक्य का अनिवार्य क्रियात्मक भाग है। यह कर्ता के कार्य या अवस्था को दर्शाता है।
उदाहरण:
She is learning English grammar.
(वह अंग्रेजी व्याकरण सीख रही है।)
यहां is learning English grammar विधेय है, क्योंकि यह बताता है कि ‘She’ (कर्ता) क्या कर रही है।
विधेय क्रिया से शुरू होता है और इसमें क्रिया के साथ-साथ कर्म (Object), पूरक (Complement) और अन्य वाक्यांश भी शामिल हो सकते हैं। विधेय की जटिलता वाक्य की जानकारी पर निर्भर करती है।

कर्ता (Subject) के आंतरिक घटक और कार्य
कई बार कर्ता एक साधारण शब्द न होकर एक विस्तृत वाक्यांश होता है। कर्ता के इन विस्तृत भागों को समझना बहुत जरूरी है। कर्ता के मुख्य भागों में Head Word, Determiners, Qualifiers, और Adjective Phrases शामिल होते हैं। इन भागों के संयोजन से ही एक संपूर्ण उद्देश्य (Subject) बनता है।
Head Word (शीर्ष शब्द) और उसके प्रकार
Head Word कर्ता वाक्यांश का मुख्य शब्द होता है। यह वह संज्ञा या सर्वनाम है जो वाक्य के अर्थ का केंद्र होता है। भले ही कर्ता कितना भी विस्तृत हो, क्रिया हमेशा इस Head Word के वचन और लिंग के अनुसार ही प्रयोग की जाती है।
उदाहरण:
The old man wearing a hat is my neighbour.
(टोपी पहने हुए वह बूढ़ा आदमी मेरा पड़ोसी है।)
यहां, Head Word है man। क्रिया ‘is’ (एकवचन) इसी ‘man’ के अनुसार लगी है, न कि टोपी या पड़ोसी के अनुसार।
Determiners (निर्धारक) का महत्व
Determiners वे शब्द होते हैं जो Head Word (संज्ञा) से ठीक पहले आते हैं। उनका काम संज्ञा को सीमित या निर्दिष्ट करना होता है। वे बताते हैं कि किस विशिष्ट संज्ञा की बात की जा रही है। Determiners कर्ता वाक्यांश की निश्चितता को प्रदर्शित करते हैं।
उदाहरण Determiners: A, An, The, This, That, These, Those, My, Your, Some, Any, All, Both, Few, Many, Each, Every.
This beautiful house is mine.
(यह सुंदर घर मेरा है।)
यहां ‘This’ एक Determiner है, जो बताता है कि किस विशिष्ट घर की बात हो रही है।
Qualifiers और Adjective Phrases (विशेषण वाक्यांश)
Qualifier एक ऐसा शब्द होता है जो Head Word की विशेषता बताता है। यह आमतौर पर Head Word से ठीक पहले आता है। अधिकांशतः Qualifiers विशेषण (Adjectives) होते हैं।
उदाहरण:
A beautiful girl in a black dress is my sister.
(काली ड्रेस में एक सुंदर लड़की मेरी बहन है।)
यहां ‘beautiful’ एक Qualifier है जो Head Word ‘girl’ की विशेषता बता रहा है।
Adjective Phrase (विशेषण वाक्यांश) शब्दों का एक समूह होता है जो कर्ता (Head Word) के बारे में अतिरिक्त जानकारी देता है। यह वाक्यांश आमतौर पर कर्ता के बाद आता है।
उदाहरण:
A beautiful girl in a black dress is my sister.
(काली ड्रेस में एक सुंदर लड़की मेरी बहन है।)
यहां in a black dress एक Adjective Phrase है। यह विधेय का भाग नहीं है, बल्कि यह Head Word ‘girl’ को और अधिक स्पष्ट कर रहा है। यह कर्ता का ही एक विस्तारित भाग है।
कर्ता के रूप में Gerund और Infinitive का प्रयोग
अंग्रेजी व्याकरण में, न केवल संज्ञा और सर्वनाम, बल्कि क्रिया के रूप भी कर्ता के रूप में कार्य कर सकते हैं। Gerund और Infinitive क्रिया के ऐसे ही रूप हैं जो संज्ञा का कार्य करते हैं। इन्हें समझना वाक्य के भाग को पहचानने में मदद करता है।
Gerund: क्रिया का संज्ञा रूप
Gerund क्रिया का वह रूप है जिसके अंत में -ing लगा होता है, लेकिन वह वाक्य में एक संज्ञा (Noun) के रूप में कार्य करता है। जब कोई क्रिया किसी गतिविधि का नाम बन जाती है, तो वह Gerund कहलाती है। यह कर्ता के रूप में उपयोग होने पर क्रिया को एकवचन (Singular) मानता है।
उदाहरण:
Walking is good for health.
(टहलना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।)
यहां ‘Walking’ क्रिया से बना है लेकिन यह कर्ता के रूप में उपयोग हो रहा है।
Cooking demands patience.
(खाना पकाने के लिए धैर्य की आवश्यकता होती है।)
यहां ‘Cooking’ क्रिया का संज्ञा रूप है और यह कर्ता है।
Infinitive: क्रिया का मौलिक रूप
Infinitive क्रिया का वह मौलिक रूप होता है जिससे पहले ‘to’ लगा होता है। यह रूप भी वाक्य में संज्ञा (कर्ता या कर्म) का कार्य कर सकता है। जब Infinitive कर्ता के रूप में आता है, तो वह भी एकवचन क्रिया का उपयोग करता है।
उदाहरण:
To smoke is injurious to health.
(धूम्रपान करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।)
यहां To smoke कर्ता है।
To forgive is divine.
(क्षमा करना दैवीय है।)
यहां To forgive कर्ता के रूप में कार्य कर रहा है।
Gerund और Infinitive का उपयोग कर्ता के रूप में करने से वाक्य को अधिक लचीलापन और जटिलता मिलती है।
Dummy Subjects (It और There)
कुछ वाक्यों में, कर्ता स्पष्ट रूप से कोई व्यक्ति या चीज़ नहीं होता। ऐसे में, ‘It’ और ‘There’ का उपयोग औपचारिक (या डमी) कर्ता के रूप में किया जाता है। इन्हें अक्सर “Introductory Subjects” भी कहा जाता है।
It का प्रयोग समय, मौसम, दूरी, या सामान्य बयानों के लिए होता है:
It is raining heavily.
(तेज बारिश हो रही है।)
It is three kilometers to the post office.
(डाकघर यहाँ से तीन किलोमीटर दूर है।)
There का प्रयोग किसी चीज़ के अस्तित्व को दर्शाने के लिए होता है:
There is a house behind the school.
(स्कूल के पीछे एक घर है।)
There are many people waiting outside.
(बाहर बहुत सारे लोग इंतजार कर रहे हैं।)
इन वाक्यों में ‘It’ और ‘There’ कर्ता के स्थान पर आते हैं, भले ही वास्तविक अर्थ ‘house’ या ‘raining’ से जुड़ा हो।
विधेय (Predicate) का विस्तृत विश्लेषण
विधेय वाक्य का सबसे गतिशील और महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह केवल क्रिया तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसमें कर्म, पूरक और सहायक क्रियाएं भी शामिल होती हैं। विधेय का सही विश्लेषण कर्ता और विधेय की पहचान को सुनिश्चित करता है।
Verb (क्रिया): विधेय का अनिवार्य केंद्र
क्रिया विधेय का केंद्र बिंदु होती है। यह वह शब्द है जो कर्ता द्वारा किए जा रहे कार्य या उसकी अवस्था को दर्शाता है। क्रिया के बिना कोई भी विधेय संभव नहीं है।
विधेय में मुख्य क्रिया के साथ सहायक क्रियाएं (Helping Verbs) भी शामिल हो सकती हैं।
उदाहरण:
She has been reading for three hours.
(वह तीन घंटे से पढ़ रही है।)
यहां has been reading पूरा क्रिया भाग है, जिसमें सहायक क्रियाएं (has been) और मुख्य क्रिया (reading) शामिल हैं।
Object (कर्म): प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर्म
कर्म (Object) वह व्यक्ति या चीज़ है जो कर्ता की क्रिया का प्रभाव प्राप्त करता है। कर्म क्रिया के ठीक बाद आता है और विधेय का एक अभिन्न अंग होता है। कर्म दो प्रकार के होते हैं: प्रत्यक्ष (Direct) और अप्रत्यक्ष (Indirect)।
Direct Object (प्रत्यक्ष कर्म)
प्रत्यक्ष कर्म वह व्यक्ति या चीज़ है जिस पर क्रिया का सीधा प्रभाव पड़ता है। इसे पहचानने के लिए क्रिया से ‘क्या’ (What) या ‘किसको’ (Whom) पूछें।
उदाहरण:
He bought a new car.
(उसने एक नई कार खरीदी।)
क्या खरीदा? A new car (प्रत्यक्ष कर्म)।
Indirect Object (अप्रत्यक्ष कर्म)
अप्रत्यक्ष कर्म वह व्यक्ति या चीज़ है जिसके लिए या जिसको क्रिया की जाती है। यह हमेशा प्रत्यक्ष कर्म से पहले आता है। इसे पहचानने के लिए क्रिया से ‘किसके लिए’ (For whom) या ‘किसको’ (To whom) पूछें।
उदाहरण:
He gave me a book.
(उसने मुझे एक किताब दी।)
क्या दिया? A book (प्रत्यक्ष कर्म)।
किसको दिया? Me (अप्रत्यक्ष कर्म)।
अप्रत्यक्ष कर्म तभी मौजूद होता है जब वाक्य में प्रत्यक्ष कर्म भी मौजूद हो।
Complement (पूरक): वाक्य को पूर्णता देना
पूरक (Complement) वह शब्द या वाक्यांश है जो विधेय में आता है लेकिन वह न तो क्रिया है और न ही कर्म। पूरक का काम कर्ता या कर्म के विषय में अतिरिक्त जानकारी देकर वाक्य के अर्थ को पूर्ण करना होता है।
पूरक दो मुख्य प्रकार के होते हैं:
Subject Complement (कर्ता पूरक)
यह पूरक कर्ता के बारे में बताता है। यह आमतौर पर ‘Linking Verbs’ (जैसे is, are, was, were, seems, appears, becomes) के बाद आता है। यह कर्ता की पहचान या स्थिति स्पष्ट करता है।
उदाहरण:
Ravi is a dedicated student.
(रवि एक समर्पित छात्र है।)
यहां a dedicated student कर्ता ‘Ravi’ को परिभाषित कर रहा है।
Object Complement (कर्म पूरक)
यह पूरक कर्म के बारे में अतिरिक्त जानकारी देता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कर्म किस स्थिति में है या क्या बन गया है।
उदाहरण:
They elected him president.
(उन्होंने उसे अध्यक्ष चुना।)
यहां president कर्म ‘him’ के बारे में बता रहा है।
पूरक विशेषण (Adjectives), संज्ञा (Nouns), या क्रिया विशेषण (Adverbs) हो सकते हैं।
कर्ता और विधेय के पहचान के जटिल नियम
साधारण वाक्यों में कर्ता और विधेय को पहचानना आसान होता है। हालाँकि, जब वाक्य की संरचना बदलती है, जैसे प्रश्नवाचक या आज्ञासूचक वाक्यों में, तो पहचानना थोड़ा जटिल हो जाता है। वाक्य संरचना को समझने के लिए इन नियमों को जानना आवश्यक है।
Interrogative Sentences (प्रश्नवाचक वाक्य) में पहचान
प्रश्नवाचक वाक्यों में कर्ता अक्सर क्रिया या सहायक क्रिया के बीच में आता है। विधेय को खोजने के लिए, आपको वाक्य को एक साधारण कथन (Statement) के रूप में पुनर्गठित करना पड़ सकता है।
उदाहरण:
Did the students finish their homework?
(क्या छात्रों ने अपना गृहकार्य पूरा किया?)
Statement form: The students did finish their homework.
कर्ता: The students
विधेय: Did finish their homework
कर्ता को खोजने के लिए हमेशा यह देखें कि वह कौन है जो मुख्य क्रिया कर रहा है।
Imperative Sentences (आज्ञासूचक वाक्य) में पहचान
आज्ञासूचक वाक्यों (जो आदेश, अनुरोध या निर्देश देते हैं) में कर्ता अक्सर छिपा हुआ होता है। ऐसे वाक्यों में कर्ता हमेशा ‘You’ (तुम/आप) होता है, भले ही वह लिखा न गया हो।
उदाहरण:
Clean your room now.
(अभी अपना कमरा साफ करो।)
कर्ता: (You – छिपा हुआ)
विधेय: Clean your room now
Please help me.
(कृपया मेरी मदद करें।)
कर्ता: (You – छिपा हुआ)
विधेय: Please help me
Extended Sentences (विस्तृत वाक्य) में विभाजन
लंबे और जटिल वाक्यों में, कर्ता और विधेय के बीच कई वाक्यांश और उपवाक्य आ सकते हैं। यह विभाजन करते समय यह याद रखें कि कर्ता वाक्यांश (Subject Phrase) Adjective Phrases को शामिल कर सकता है, लेकिन विधेय हमेशा क्रिया से शुरू होता है।
उदाहरण:
The talented musician, who was playing the violin beautifully, won the first prize.
(प्रतिभाशाली संगीतकार, जो वायलिन बहुत खूबसूरती से बजा रहा था, ने प्रथम पुरस्कार जीता।)
कर्ता: The talented musician, who was playing the violin beautifully (पूरा वाक्यांश कर्ता को स्पष्ट कर रहा है।)
विधेय: won the first prize
कर्ता वाक्यांश के भीतर आने वाले उपवाक्य (जैसे who was playing the violin beautifully) कर्ता का ही विस्तार माने जाते हैं, न कि विधेय का भाग।
अभ्यास और व्यावहारिक उपयोग
व्याकरण को केवल नियमों से नहीं समझा जा सकता; इसके लिए निरंतर अभ्यास आवश्यक है। यहाँ कुछ उदाहरण दिए गए हैं जो आपको subject and predicate meaning in hindi की समझ को मजबूत करने में मदद करेंगे।
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Walking on the grass is strictly prohibited.
(घास पर चलना सख्त मना है।)
कर्ता (Gerund Phrase): Walking on the grass
विधेय (Verb + Complement): is strictly prohibited -
My younger brother loves to read mystery novels.
(मेरे छोटे भाई को रहस्य उपन्यास पढ़ना पसंद है।)
कर्ता: My younger brother
विधेय: loves to read mystery novels (यहां ‘to read mystery novels’ कर्म (Object) के रूप में कार्य कर रहा है, जो विधेय का भाग है।) -
The principal called me an intelligent boy.
(प्रिंसिपल ने मुझे एक बुद्धिमान लड़का कहा।)
कर्ता: The principal
विधेय: called me an intelligent boy
(कर्म: me, कर्म पूरक: an intelligent boy) -
There are many challenges ahead of us.
(हमारे सामने कई चुनौतियाँ हैं।)
कर्ता (Dummy Subject): There
विधेय: are many challenges ahead of us (वास्तविक कर्ता: many challenges) -
To succeed requires great dedication.
(सफल होने के लिए बड़े समर्पण की आवश्यकता होती है।)
कर्ता (Infinitive): To succeed
विधेय: requires great dedication -
He has given me a book.
(उसने मुझे एक किताब दी है।)
कर्ता: He
विधेय: has given me a book (सहायक क्रिया: has, मुख्य क्रिया: given, अप्रत्यक्ष कर्म: me, प्रत्यक्ष कर्म: a book)
इन उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि कर्ता और विधेय की पहचान वाक्य के संदर्भ और उसके आंतरिक घटकों पर निर्भर करती है। व्याकरण में निपुणता प्राप्त करने के लिए प्रत्येक भाग की भूमिका को समझना आवश्यक है।
निष्कर्ष
संक्षेप में, subject and predicate meaning in hindi को पूरी तरह से समझने के लिए हमें वाक्य के सभी आंतरिक घटकों को जानना होगा। कर्ता (Subject) हमें बताता है कि कौन कार्य कर रहा है, जिसमें Head Word, Determiners, और Adjective Phrases शामिल होते हैं। वहीं, विधेय (Predicate) हमें कर्ता के कार्य या अवस्था के बारे में बताता है, जिसमें क्रिया, कर्म (प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष), और पूरक (Complement) शामिल होते हैं। इस गहन विश्लेषण के माध्यम से, आप अब अंग्रेजी वाक्य संरचना को अधिक आत्मविश्वास और विशेषज्ञता के साथ तोड़ सकते हैं। यह आधारभूत ज्ञान आपके संपूर्ण व्याकरण की समझ को बेहतर बनाएगा।
Last Updated on 02/12/2025 by Emma Collins

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